संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मत्स्य प्रजनन काल को देखते हुए जिले में 31 अगस्त तक मछली पकड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस अवधि में सभी तालाबों, जलाशयों, नदियों, नालों और अन्य जलधाराओं में मछली पकड़ने पर पूर्ण रोक रहेगी।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने आदेश जारी कर बताया कि उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम एवं शासनादेशों के तहत एक जुलाई से 31 अगस्त तक शिकारमाही प्रतिबंधित रहेगी। यह आदेश जनपद की सीमा में स्थित सभी तालाबों, जलाशयों, नदियों, नालों और जलधाराओं पर लागू होगा, जिन्हें विधिवत निजी अथवा धार्मिक घोषित नहीं किया गया है।
आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति मछली पकड़ने या मारने के लिए विस्फोटक पदार्थ, कृषि कार्य में प्रयुक्त विषैले रसायनों अथवा अन्य हानिकारक पदार्थों का प्रयोग नहीं करेगा। प्रतिबंध अवधि में प्रजननशील मछलियों के शिकार, क्रय-विक्रय तथा उनके आयात-निर्यात पर भी पूर्ण रोक रहेगी।इसके अलावा 15 जुलाई से 30 सितंबर तक मत्स्य जीरा और दो से 10 इंच आकार की मत्स्य अंगुलिकाओं को पकड़ने और बेचने पर भी प्रतिबंध रहेगा। प्राकृतिक जलधाराओं के प्रवाह को रोकने के लिए किसी भी प्रकार का अवरोध लगाने की अनुमति नहीं होगी। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।