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कोचिंग संचालक पर लगाया 10 हजार का जुर्माना

Sat, 13 Jan 2018 12:34 AM IST
Lalitpur
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education - फोटो : demo
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जनपद में बिना रजिस्ट्रेशन व अवैध तरीके से संचालित हो रही कोचिंगों के खिलाफ डीआईओएस ने सख्त रुख अपना लिया है। कुछ दिन पूर्व मुहल्ला आजादपुरा में बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग संचालित कर रहे संचालक पर 10 हजार रुपये आर्थिक जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही 10 दिनों के भीतर जुर्माना अदा नहीं करने पर एफआईआर कराने की बात कही गई है। इससे पूर्व में भी दो कोचिंग संचालकों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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जनपद में संचालित हो रही अवैध कोचिंगों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तत्कालीन प्रभारी डीआईओएस ने विगत चार अक्टूबर को शहर में अवैध कोचिंगों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत तीन कोचिंग संचालकों को बिना रजिस्ट्रेेशन के अवैध तरीके से कोचिंग संचालित करते हुए पाया था। इस पर उन्होंने स्पष्टीकरण भी तलब किया था। इसी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान डीआईओएस वीरेंद्र कुमार दुबे ने मुहल्ला आजादपुरा में बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग संचालित कर मुहल्ला गांधीनगर निवासी विकास कुमार रजक पर कोचिंग विनियमन अधिनियम-2002 नियमों के विरुद्ध अवैध रूप से कोचिंग संचालन किए जाने का दोषी पाए जाने के कारण उक्त अधिनियम की धारा 9-(3) में वर्णित व्यवस्था के तहत दस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है। इससे पूर्व में भी जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा घंटाघर की पीएनबी बैंक ब्रांच के पास संचालित ब्राईट फ्यूचर कोचिंग सेंटर संचालक संजय जैन निवासी आजादपुरा और मुहल्ला आजादपुरा में कोचिंग संचालित करने वाले आदित्य साहू निवासी नेहरु महाविद्यालय पर दस-दस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया जा चुका है।

नहीं हो सकी कोचिंग संचालकों की बैठक
डीआईओएस वीरेंद्र कुमार दुबे ने बीते माह 23 दिसंबर को जनपद में संचालित समस्त पंजीकृत कोचिंग संचालकों की बैठक आयोजित कराने का निर्णय लिया था, लेकिन किन्हीं कारणों से यह बैठक नहीं हो सकती थी और आगामी दिनों के लिए स्थगित कर दी गई थी। अब एक माह बीतने वाला है, लेकिन अभी तक विभाग दोबारा बैठक की तिथि निर्धारित नहीं कर पाया है। डीआईओएस ने यह बैठक लेने के पीछे का उद्देश्य कोचिंग संचालकों द्वारा बच्चों के लिए लिए जाने वाले शुल्क आदि का ब्यौरा तलब करना था।
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