तालबेहट। तहसील क्षेत्र के दो गांवों में निवास करने वाले दो दिव्यांगों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता श्रीलंका में अपना हुनर दिखाने का मौका मिला है। लेकिन दोनों खिलाड़ियों के मार्ग में आर्थिक तंगी सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई है। जिसके चलते वह वहां जाने के लिए परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से खर्चा दिलाने की गुहार लगाई है।
पैरा क्रिकेट क्लब मंडी हिमाचल द्वारा चयनित इस टीम में ग्राम सभा बिजरौठा के मजरा पारा निवासी खेत सिंह कुशवाहा और ग्राम सभा खांदी के मजरा गनेशपुरा निवासी सूरज कुशवाहा का चयन हुआ है। दोनों खिलाड़ी 21 से 27 सितंबर तक देहरादून में आयोजित विशेष शिविर में प्रतिभाग करेंगे। इसके बाद 6 से 10 अक्तूबर तक श्रीलंका के कोलंबो स्थित स्काई स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर आयोजित क्रिकेट चैंपियनशिप में भाग लेंगे। लेकिन श्रीलंका और देहरादून शिविर में शामिल होने के लिए पैरा क्लब ने प्रति खिलाड़ी को 35500 रुपये जमा करने के लिए कहा है। इससे दोनों दिव्यांग खिलाड़ी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के चलते शायद वह इस सुनहरे मौके को खो सकते हैं। जो भविष्य में उनके सपनों को नई उड़ान दे सकता है। उन्हाेंने जनपद के जन प्रतिनिधियों अधिकारियों एवं खेल प्रेमियों से मदद की गुहार लगाई है।
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खेत सिंह कुशवाहा
मजरा पारा से आने वाले खेत सिंह जन्म से ही दिव्यांग हैं। पिता मजदूरी करते हैं। तीन भाई और एक बहन में सबसे बड़ा है। आर्थिक तंगी के चलते आगे की पढ़ाई नहीं कर सके। इनका चयन बल्लेबाजी में हुआ है।
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सूरज कुशवाहा
गनेशपुरा मजरा में निवास करने वाले सूरज के पिता भी खेती करते हैं। दो भाई और दो बहन में सबसे छोटे सूरज हैं। कक्षा दस उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और अपने पिता के काम में हाथ बटाने लगे। यह तेज गेंदबाजी करते हैं। यह मोहम्मद सिराज को अपना आदर्श मानते हैं।