संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से फसलें नष्ट होने के बावजूद बीमा राशि न मिलने से नाराज ग्राम देवरान के किसानों ने सोमवार को कृषि विभाग परिसर स्थित बीमा कंपनी के कार्यालय में हंगामा किया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन और बीमा कंपनी ने फसल क्षति का सर्वे कराने के बाद बीमा दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब नियमों का हवाला देकर भुगतान से इन्कार किया जा रहा है।
इससे पहले बड़ी संख्या में किसान जिलाधिकारी आवास पहुंचे और ज्ञापन सौंपकर रबी फसल की क्षति का मुआवजा दिलाने की मांग की। किसानों ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष गेहूं की फसल लगाई थी, लेकिन असमय अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से गांव में व्यापक नुकसान हुआ था। फसल क्षति का सर्वे भी कराया गया था, जिसमें किसानों की फसलें नष्ट होना पाया गया था। इसके बाद सभी प्रभावित किसानों को बीमा राशि दिलाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र बीमा राशि नहीं दिलाई गई तो वे आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन देने के बाद किसान उप कृषि निदेशक कार्यालय स्थित बीमा कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने बीमा भुगतान की स्थिति की जानकारी ली। किसानों का आरोप है कि कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया कि केवल उन्हीं किसानों को बीमा राशि दी गई है, जिन्होंने टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। अन्य किसानों को भुगतान नहीं किया जाएगा। यह सुनकर किसानों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने कहा कि पूर्व में हुए प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि देवरान गांव में सर्वाधिक नुकसान हुआ है और किसानों को अलग से कोई प्रक्रिया पूरी करने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बावजूद उन्हें न बीमा राशि मिली और न ही राहत।
इस दौरान किसानों और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे डीएम कार्यालय और कृषि विभाग परिसर में धरना-प्रदर्शन करेंगे। कुछ किसानों ने आक्रोश जताते हुए आत्मघाती कदम उठाने की भी चेतावनी दी। किसानों का कहना था कि लंबे समय से वे बीमा राशि का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। काफी देर तक प्रदर्शन के बाद किसान दोबारा आंदोलन की चेतावनी देकर लौट गए। प्रदर्शन में जगभान सिंह, चंपालाल, बलवंत सिंह, ऊदल, हरभजन, कल्यान, लखन सिंह, कीरत बाबा, गब्बर सिंह, जानकी सिंह, राजकुंवर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।