ललितपुर। किसानों को गेहूं बेचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ा दी गई है, लेकिन बहुत से किसान ऑनलाइन आवेदन के बाद टोकन पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद भी संस्तुति रिपोर्ट नहीं लग पाई है। इससे किसान परेशान हैं।
शासन द्वारा किसानों को उपज को सही मूल्य पर बेचने के लिए गेेहूं खरीद केंद्र खोले हैं। जहां पर गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल है। लेकिन, कोरोना वायरस संक्रमण को थामने के लिए सामाजिक दूरी अधिक आवश्यक है। साथ ही केंद्र पर नियमानुसार नंबरों पर ही गेहूं खरीदे जाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन कर लेखपाल से संस्तुति रिपोर्ट लगने के बाद छोटे किसानों को सीधे मोबाइल पर संदेश के माध्यम से जानकारी दी जाती है। 100 क्विंटल से अधिक उपज बेचने के वाले किसानों को कानूनगो से भी रिपोर्ट लगवाना होती है। उप जिलाधिकारी कार्यालय से संस्तुति मिलने के बाद संदेश मिलता है। संदेश के बाद किसान ऑनलाइन की दुुकान से अपना टोकन जारी कराना पड़ता है।
इसको अधिकारी भले ही पारदर्शिता मान रहे हों, लेकिन सच यह भी है कि इस प्रक्रिया में कई किसानों के आवेदन लेखपालों के पास शो नहीं कर रहे हैं। इससे उनके आवेदनों पर रिपोर्ट नहीं लग पा रही है। ऐसी ही स्थिति विकासखंड जखौरा के ग्राम कारीटोरन के किसानों की है। इन किसानों ने मार्च माह में क्रय केंद्र पर गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी टोकन से संदेश नहीं मिल सका है। राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से वार्ता करने पर जानकारी मिली कि पोर्टल पर आवेदन शो नहीं हो रहा है। इससे लेखपाल द्वारा रिपोर्ट नहीं लग पाई है। रिपोर्ट लगवाने को लेकर किसान अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं और अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। इससे किसान अपनी उपज नहीं बेच पा रहे हैं।
खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए एक माह पहले आवेदन किया था, लेकिन अब तक टोकन नहीं मिल पाया है। टोकन नहीं मिलने की जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
- रामजी लाल पाठक
खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए एक माह से अधिकारियों के चक्कर लगाकर टोकन लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक टोकन नहीं मिल सका है।
- अरविंद प्रजापति
एक खाते में कई नाम होने के कारण पहले आवेदन करने वाले किसान को टोकन जारी हो रहा है। अन्य किसानों का आवेदन पोर्टल पर शो नहीं हो रहा है। ऐसे किसानों का गेहूं मैन्युअल तरीके से खरीदा जाएगा।
- अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी