ललितपुर। बेसिक शिक्षा विभाग की अनुदेशक भर्ती में आवेदन करने वाले दो
दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों की अंकतालिकाएं फर्जी निकली हैं, इसका खुलासा
विश्वविद्यालयों की जांच रिपोर्ट से हुआ है।
जिले में मई माह में
अंशकालिक अनुुदेशकों के 216 रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू हुई थी,
इसमें दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों की अंकतालिकाओं का बड़े पैमाने पर
इस्तेमाल हुुआ था। खासकर शारीरिक शिक्षा वर्ग में अन्य राज्यों के
विश्वविद्यालयों की अंकतालिकाओं का बोलबाला रहा था। बीते दिनों स्थानीय
अभ्यर्थियों ने ऐसी अंकतालिकाओं की वैद्यता पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद
डीएम जुहेर बिन सगीर ने शिकायती पत्र के आधार पर बीएसए को जांच कराने के
निर्देश दिए।
तत्कालीन बीएसए ने एक प्रतिनिधि को संबंधित विवि भेजा।
आखिरकार बाहरी राज्यों के विवि ने अपनी जांच आख्या बीएसए ललितपुर को
प्रस्तुत कर दी है। विश्वविद्यालयों के अधिकारियों ने आख्या में कहा है कि
उनके यहां से अंकतालिकाएं जारी नहीं की गई हैं। एक कॉलेज ने तो खुद को
विश्वविद्यालय दर्शाकर अंकतालिकाएं जारी कर दी। यही नहीं, कॉलेज को 50
सीटों पर बीपीएड की मान्यता मिली हुई है, जिसकी अनदेखी करते हुए करीब 150
अभ्यर्थियों को अंकतालिकाएं निर्गत कर दी हैं, इससे अंक तालिकाओं का
फर्जीवाड़ा उजागर हो गया है।
दो विश्वविद्यालयों से जांच आख्या
प्राप्त हुई हैं, इनमें से एक विवि की जांच में कहा गया कि चिह्नित
अभ्यर्थियों की अंक तालिकाएं उनके यहां से जारी नहीं हुई हैं, जबकि दूसरे
विवि ने कहा है कि नियम विपरीत सीटों से ज्यादा अंकतालिकाएं जारी की गई
हैं।
- एनएल शर्मा
प्रभारी बीएसए ललितपुर।
... और भी हो सकती हैं संदिग्ध मार्कशीट
चयनित
अनेक अभ्यर्थियों की अंक तालिकाएं भी संदिग्ध हो सकती हैं, इस बात से
इंकार नहीं किया जा सकता। इसकी प्रमुख वजह चयन के दौरान जिन विवि की
अंकतालिकाओं पर अंगुलियां उठाई गई हैं, विभाग ने केवल उन्हीं की
अंकतालिकाओं की जांच कराई है। शेष अभ्यर्थियों की अंकतालिकाओं की जांच किए
बिना ही चयन कर लिया गया है।