सीतापाठ कुंड का निरीक्षण करते एडीएम व नगर पालिका ईओ
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। बुधवार को मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने तालाबों, नदियों और घरों में तिल से स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्घालुओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। विभिन्न धार्मिक स्थलों पर भजन, पूजन, दान-पुण्य, खिचड़ी वितरण दिन भर जारी रहा। वहीं, गोविंद सागर बांध, पुतली घाट और भौंरट घाट पर मकर संक्रांति मेले लगाए गए।
मकर संक्रांति पर बांध, तालाब व नदी के घाटों पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया, तिल के लड्डुओं व खिचड़ी का भोग लगाया। गोविंद सागर बांध स्थित हजारिया महादेव मंदिर एवं पुतली घाट पर मेला लगा। हजारिया महादेव मंदिर में सुबह से ही पूजन अर्चन को लेकर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मेला में लोगों का देर शाम तक आना- जाना लगा रहा। कई लोगों ने घरों में रहकर ही शुभ मुहूर्त में तिल से स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देकर ठाकुरजी को तिल, मावा और अन्य प्रकार के लड्डुओं व खिचड़ी का भोग लगाया।
मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य उत्तर की ओर अग्रसर होते हैं। इस दिन से देवताओं का दिन प्रारंभ होता है, भगवान विष्णु के शरीर के पसीने से उत्पन्न तिल से स्नान करना व भगवान को भोग लगाने के बाद तिल का भोजन करने को विशेष लाभकारी माना गया है। यही वजह है कि मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व है। वहीं, अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा और अधिशासी अधिकारी डॉ. संजय कुमार मिश्रा ने सीतापाठ घाट पर जाकर मेले का निरीक्षण किया।
सीतापाठ मंदिर में लगी श्लरद्वालुओं की भीड़- फोटो : LALITPUR
हजारिया महादेव मंदिर में लगी श्रद्वालुओं की भीड़- फोटो : LALITPUR