डोंगराखुर्द/बार/पाली/मड़ावरा/ललितपुर। विंध्याचल पर्वत श्रृंखलाओं के बीच जामनी नदी के तट पर स्थित श्रीधाम पांडव वन में मकर संक्रांति पर नौ दिवसीय मेला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने कड़ाके की ठंड में तिल का स्नान कर डुबकी लगाई और भगवान के दर्शन किए।
बुधवार की सुबह से ही श्रद्धालु पांडव वन में पहुंचने शुरू हो गए थे। कड़ाके की ठंड होने के बाद भी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जामनी नदी में डुबकी लगाई। पांडव वन मेला, अमझरा घाटी, डुंगरासन माता मंदिर पर लोगों ने तिल का सेवन किया। मेला की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नाराहट थाना पुलिस ने चाक चौबंद इंतजाम किए हैं। प्रत्येक व्यक्ति पर पुलिस नजर रखे हुए है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र बन चुके श्री धाम पंडवन में हजारों श्रद्धालुओं ने मेले का आनंद लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जत्थे दुर्गम रास्तों से होकर पांडव वन तक पहुंचते हैं। यहां पहुंचने पर रास्ते की थकान गायब हो जाती है। यहां पहुंचकर श्रद्धालुओं ने हनुमान जी महाराज के दर्शन कर प्रसाद अर्पित कर अपनी हाजरी लगाई। मेले में घूमकर आनंद लिया। मेला नौ दिन तक चलेगा।
उधर, कस्बा बार और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मकर संक्रांति का त्योहार उत्साह से मनाया गया। क्षेत्र के लोगों ने झूमरनाथ धाम, दुनातर धाम, भदेश्वर धाम, देवरान घाट और कस्बा बार के बच्छसागर तालाब में स्नान कर मकर संक्रांति पर आस्था की डुबकी लगाई। लोगों ने मंदिरों में दर्शन किए और खिचड़ी दान की। दुनातर धाम और झूमरनाथ में मेला लगा, जिसमें ग्रमीण क्षेत्रों के लोगों ने खरीदारी की। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही। थानाध्यक्ष निग्वेंद्र सिंह ने शांति व्यवस्था का जायजा लिया। कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए।
इसी तरह पाली में मकर संक्रांति पर श्री नीलकंठेश्वर धाम में मेला लगा। लोगों ने मंदिर में धर्म लाभ लेकर मेला में खरीदारी की।पर्व को लेकर सुबह से ही सीतामढ़ी जलकुंड व नीलकंठेश्वर जलकुंड में मकर संक्रांति स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। विंध्यांचल की तलहटी में विराजे श्रीराम लक्ष्मण जानकी मंदिर, ढ़भुआ के हनुमान मंदिर, शनिदेव मंदिर और श्री हजरिया महादेव मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम हुए। श्री नीलकंठेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर मेला में खरीदारी की गई। महिलाओं ने गृहस्थी और सौंदर्य प्रसाधन सामग्री खरीदी। बच्चों को गुब्बारे और खिलौने खूब भाए। चाट के स्टालों पर भीड़ रही। शाम तक मेले की रौनक बनी रही। सुरक्षा के मद्देनजर पाली पुलिस मौजूद रही। पाली उपजिलाधिकारी अनिल कुमार ने मेले का जायजा लिया।
इसी तरह ग्राम धौर्रा स्थित श्री रणछोरधाम मंदिर पर मकर संक्रांति पर मेला शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं ने बेतवा नदी में स्नान किए और सूर्य को अर्घ्य दिया। तिल और खिचड़ी दान की। बालाबेहट में कलशाझिरि का मेला लगा। यहां पर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए।
मड़ावरा में स्टाल लगाकर पुलिस द्वारा राहगीरों को खिचड़ी बांटी गई। लोगों ने एक-दूजे को संक्रांति की शुभकामनाएं दी। थाने में पदस्थ हेड कांस्टेबल सरदारी लाल ने मकर संक्रांत िपर स्टॉल लगाकर थाना के सामने से आने- जाने वाले राहगीरों व कस्बे के नागरिकों को खिचड़ी बांटी। ग्रामीणों को संक्रांति की बधाई दी। इस अवसर पर बीजेपी वरिष्ट नेता श्रीराम पटैरिया, कैलाश साहू, अरविंद मिश्रा, फैय्याद शाह, लाखन सिंह, इंद्रपाल सिंह, रामकुमार पटेल आदि मौजूद रहे।
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कैप्शन- हाथी की सवारी कर पहुंचे बाबा बलराम सिंह।
हाथी की सवारी कर पहुंचे बाबा
डोंगराखुर्द। पांडव वन मेला में मकर संक्रांति के पर्व पर बाबा बलराम सिंह अपने गांव भोंती से हाथी की सवारी कर श्रद्धालुओं के साथ जंगल के दुर्गम मार्ग से होते हुए पांडव वन मेला में पहुंचे। लोग उनको देखकर आश्चर्यचकित रह गए, क्योंकि बुजुर्गों ने बताया कि मेला में अब तक कोई हाथी से नहीं आया है। उधर, बाबा बलराम सिंह ने बताया कि माता शारदा ने स्वप्न दिया था कि पांडव वन में अर्जुन रथ बनवाओ तो उन्होंने जनता के सहयोग से अर्जुन रथ बनवाया। तब से लेकर अब तक नदी की धार नहीं सूखी। मकर संक्रांति पर मेला में आए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को तिल, गुड़ और खिचड़ी का प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान निर्मल सिंह भोंती, सल्कू राजा, सूर्य प्रताप सिंह, सीताराम, मकुन सिंह आदि श्रद्घालु हाथी के साथ पैदल चलकर आए।
पांडव वन में पूजा अर्चना करते श्रद्वालु- फोटो : LALITPUR