संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महंगाई की मार झेल रही आम जनता व किसानों को बजट से राहत की उम्मीद है। वहीं, व्यापारी टैक्स में राहत की आस लगाए हैं।
खाने-पीने की चीजें दाल, चावल सभी कुछ महंगा हो गया है। भोजन की थाली महंगी होने से घर का बजट बिगड़ गया है, तो किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक की महंगाई मार रही है। ऐसे में उन्हें आने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं। व्यापारी वर्ग को टैक्स में छूट की उम्मीद है, क्योंकि जीएसटी व इनकम टैक्स अदा करने में छोटे व्यापारियों की कमर टूट गई है।
सरकार गरीबों को मुफ्त खाद्यान्न वितरित कर रही है, तो मध्यम वर्ग को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। सरकार को दाल, चावल, मसालों को सस्ता करने के लिए कदम उठाने चाहिए। साथ ही गैस सिलिंडर को सस्ता करना चाहिए, जिससे गृहिणी घर का बजट संभाल सकें।-लीला रजक, गृहिणी।
सरकार को बिजली दरों में छूट करते हुए खाद, बीज व कीटनाशक के दामों पर नियंत्रण करना चाहिए, जिससे फसल की लागत कम हो सके। वर्तमान में महंगाई के चलते लागत तो बढ़ रही है, लेकिन उसके मुकाबले समर्थन मूल्य नहीं मिलता।-लाखन पटेल, किसान नेता।
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अधिवक्ताओं के लिए भी सुविधाओं का प्रावधान बजट में रखना चाहिए। आयकर में छूट के साथ ही बेरोजगारों को सस्ते दर पर ऋण की सुविधा उपलब्धता कराई जानी चाहिए।-पुष्पेंद्र सिंह चौहान, अधिवक्ता।
बजट से व्यापारियों को बड़ी उम्मीद है। छोटे व्यापारियों के आयकर की न्यूनतम सीमा बढ़नी चाहिए, जिससे उन्हें राहत मिल सके। आशा है बजट में सरकार इस तथ्य का ध्यान रखेगी।-महेंद्र जैन मयूर, चेयरमैन उप्र उद्योग व्यापार मंडल।