- चिकित्सकों ने कहा कि ड्राई आई की समस्या होने पर तत्काल करें चिकित्सक से संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अधिकांश बच्चों में देखा जा रहा है कि कंप्यूटर व मोबाइल के अधिक इस्तेमाल में सूखापन का रोग हो रहा है। चिकित्सकों ने इसके लिए कंप्यूटर व मोबाइल के सीमित इस्तेमाल की सलाह दे रहे हैं।
गर्मी बढ़ने के साथ ही जनपद में आंखों से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग में रोजाना बड़ी संख्या में लोग ड्राई आई, जलन और खुजली की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ रूपाली वर्मा के अनुसार, पहले जहां इन समस्याओं की मुख्य वजह धूल, तेज गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान होता था, वहीं अब मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का अत्यधिक उपयोग भी बड़ा कारण बन गया है। लगातार स्क्रीन पर नजर टिकाए रखने से आंखों की नमी कम हो जाती है, जिससे ड्राई आई की समस्या बढ़ रही है। इसका असर बच्चों में अधिक देखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि गर्मियों के दौरान वर्नल केराटोकंजक्टिवाइटिस (वीकेसी ) जैसे एलर्जिक रोगों के मामले भी तेजी से बढ़ते हैं। इस मौसम में एलर्जी और ड्राई आई के मरीजों की संख्या में करीब 35 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की जा रही है। चिकित्सकों का कहना है कि समय रहते सावधानी बरते और सही देखभाल से इन समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।
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बचाव के लिए बरतें ये सावधानियां
तेज धूप में बाहर निकलते समय सनग्लास का उपयोग करें। मोबाइल या कंप्यूटर पर काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम दें और ठंडे पानी से आंखें धोते रहें। बच्चों का स्क्रीन टाइम सीमित रखें और उन्हें आउटडोर गतिविधियों के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि आंखों में जलन, खुजली या सूखापन लंबे समय तक बना रहे तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से परामर्श लें।