ललितपुर। झांसी से ललितपुर आ रही प्राइवेट सवारी बस में मिले लावरिस बैग में भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है। पुलिस ने सौ जिलेटन व एक सौ बीस डेटोनेटर बरामद किए हैं। इससे पहले भी जनपद में विस्फोटक पदार्थ की तस्करी के मामले पकड़े गए हैं।
मंगलवार की सुबह झांसी से सागर चलने वाली प्राइवेट निजी सवारी बस ललितपुर आ रही थी, इसी दौरान तालबेहट के ग्राम पवा के पास एक अज्ञात युवक पीछे की सीट पर अपना बैग छोड़कर उतर गया। बस में लावारिस बैग होने की जानकारी पर कंडक्टर अशोक कुमार ने बैग को खोलकर देखा तो उसको कुछ संदिग्ध सामान होने का आभास हुआ। कंडक्टर बैग को बस में ही रखकर ललितपुर ले आया और मोटरसाइकिल पर रखकर सदर कोतवाली पहुंच गया। बैग में विस्फोटक पदार्थ होने की बात फैलने पर पुलिस कर्मी कोतवाली परिसर में दूर जाकर खड़े हो गए। जब तक बम निरोधक दस्ता भी कोतवाली में पहुंच गया था। इसके बाद जब बैग को खोला गया तो बैग में जिलेटिन की 100 छड़े और 120 डेटोनेटर बरामद हुए। बस निरोधक दस्ता प्रभारी नीरज चौबे ने बताया कि उक्त विस्फोटक की मात्रा काफी है। यह विस्फोटक किसका है और कहां ले जाया जा रहा था, पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। अंदाजा लगाया जा रहा है, कि इस विस्फोटक को क्षेत्र में चल रही पत्थर की खदानों में अवैध ब्लास्टिंग के लिए ले जाया जा रहा होगा। बम निरोधक दस्ता में महावीर सिंह व उदयप्रताप सिंह शामिल रहे।
पुलिस कर्मी को देख, बैग छोड़कर भाग गया
बस कंडक्टर अशोक ने बताया कि यह युवक झांसी से ललितपुर का टिकट बनवाकर बैठा था। रास्ते में ग्राम राजगढ़ से एक पुलिस कर्मी चढ़ा, जो पीछे की सीट पर युवक के ही पास बैठ गया। इसके बाद कुछ दूरी के बाद जब ग्राम पवा में बस रुकी तो उक्त युवक उतर गया और अपना बैग वहीं छोड़ गया। उक्त युवक पुलिस कर्मी को देखकर डर गया होगा और वह बस से उतरकर भाग गया। हड़बड़ाहट में बैग बस में ही छूट गया।
जोखिम में डाली जा रही नागरिकों की जान
ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि जनपद में इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ बरामद हुआ है। इससे पहले भी कई बार भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ पकड़ा जा चुका है, साथ ही तस्करी करने वालों को भी पकड़ा गया है। इनती भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ को एक निजी सवारी बस में लाया जा रहा है, इसमें 70 के करीब सवारियां बैठी हुई थी। यदि इस विस्फोटक से किसी तरह की कोई दुर्घटना होती तो सवारियों व बस के काफी क्षति हो सकती थी।