तहसील अधिवक्ता आज से करेंगे कलम बंद हड़ताल
स्टांप वैंडर व अधिवक्ता करेंगे संयुक्त प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर।
एक माह से राजस्व न्यायालयों की चल रही हड़ताल बढ़ाते हुए अब 26 अप्रैल जरूर कर दिया है, लेकिन अधिवक्ताओं के पूर्ण रूप से कार्य बंद नहीं करने के कारण उनकी मांगों पर ज्यादा ध्यान नहीं देने के कारण अब तहसील अधिवक्ताओं ने कलम बंद हड़ताल किए जाने का निर्णय लिया है। आज से तहसील अधिवक्ताओं ने तहसील या फिर रजिस्ट्रार कार्यालय के साथ ही अपने-अपने बस्तों को भी बंद रखकर प्रदर्शन करते हुए हड़ताल करने की घोषणा की है।
तहसील अधिवक्ताओं की एक बैठक में बताया गया कि पूर्व में 21 सूत्रीय बिंदुओं पर दिए गए प्रस्ताव में डीएम कार्यालय के एक पत्रांक जारी किया गया, जिसमें ऐसा प्रतीत होता है कि इसमें जो निर्देश दिए गए, उनका न तो क्रियान्वयन किया गया और न ही कोई तात्कालिक व्यवस्था ही अमल में लाई गई है और 21 बिंदुओं पर दिए गए ज्ञापन में कोई प्रगति ही दिखाई दे रही है। तहसील ललितपुर में कार्यरत प्रमोद कुमार यादव के विरुद्ध भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिमन-3 के कास्तकारों के संबंध में भी प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मुकदमे रजिस्टर में दर्ज नहीं हुए, वकीलों की नवीन तहसील में बैठने की कोई व्यवस्था नहीं हुई और न ही स्टांप वैैंडरों की तात्कालिक व्यवस्था दी गई है। इस भीषण गर्मी में अधिवक्ताओं को धूप में बैठना पड़ रहा है। इससे कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके चलते बैठक में अधिवक्ताओं द्वारा निर्णय लिया गया कि समस्त अधिवक्ता 26 अप्रैल तक समस्त राजस्व न्यायालयों, डीएम, एडीएम, एसडीएम, अपर जिलाधिकारी, तहसीलदार ललितपुर व तालबेहट, महरौनी, मड़ावरा व पाली तहसील में न्यायिक कार्यों से पूर्ण विरत रहेंगे। यह निर्णय लेने के बाद भी सोमवार को रजिस्ट्रार कार्यालय के साथ ही अधिवक्ताओं के बस्तों तक पुरानी तहसील में कार्य होता रहा। इसके चलते अब अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया है कि मंगलवार से तहसील के सभी अधिवक्ता और स्टांप वैैंडर पूर्ण रुप से कलम बंद हड़ताल करेंगे। यहीं नहीं कोई भी अधिवक्ता अपने बस्तों की दुकानें नहीं खोलेगा। यह जानकारी तहसील बार संघ के अध्यक्ष शंकरलाल रजक ने दी है।