फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पूर्व प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के लिए सौपा था ताम्र पत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। जिले के कस्बा बानपुर में जन्मे देवी सिंह जू देव परमार के स्वतंत्रता आंदोलन में दिए योगदान को सभी लोग याद करतेेे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में स्मरणीय योगदान के लिए राष्ट्र की ओर से ताम्र भेंट किया था।
विज्ञापन

कस्बा बानपुर में 1910 में देवीसिंह जू देव परमार ने जन्म लिया था, जो बचपन से ही अंग्रेजों द्वारा किए जा रहे देश के प्रति दुर्व्यवहार और जनता के प्रति किए गए अत्याचार से व्याकुल और आक्रोशित थे। वह स्वतंत्रता सेनानियों के साथ अंग्रेजों के विरुद्ध गुप्त मीटिंग और स्वतंत्रता संघर्ष को निरंतर धार देते रहे। 32 वर्ष की उम्र में अपने सैकड़ों साथियों के साथ महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में पूरी क्षमता के साथ अंग्रेजों से संघर्ष किया। परिणामस्वरूप आंदोलन में महात्मा गांधी और अन्य नेताओं के साथ देवी सिंह को डेढ़ वर्ष की कैद हुई एवं संपत्ति कुर्क के आदेश ब्रिटिश प्रशासन द्वारा निर्गत किए गए। इस आंदोलन के पूर्व लाला लाजपत राय आदि प्रमुख नेताओं के साथ स्वतंत्रता आंदोलनों में भाग लेते रहे।
स्वतंत्रता के पश्चात मृत्यु पर्यंत तक जनसेवा और देश सेवा में लगे रहे। सन 1979 में देवी सिंह का देहावसान हो गया। भारत माता के ऐसे महान सपूत का उनकी कर्म स्थली और जन्म स्थली बानपुर में सरकार और प्रशासन द्वारा आज तक कोई भी उनका स्मारक स्थल, मूर्ति स्थापना, स्मृति स्तंभ का निर्माण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उक्त विभूति के स्मृति स्थल बनाने की दिशा में समुचित कदम उठाए जाएं, जिससे ग्राम और क्षेत्र कि वर्तमान युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों के देश के प्रति किए गए त्याग और समर्पण को हमेशा याद रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें