फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईओडब्ल्यू करेगी महरौनी के चिटफंट घोटाले की जांच, भेजा प्रस्ताव

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। फर्जी किसान एग्रो सोसाइटी (चिटफंड कंपनी) बनाकर 35 करोड़ ठगने के मामले में महरौनी पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर की थी। इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने जांच आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ (ईओडब्ल्यू) लखनऊ से कराने के लिए प्रस्ताव भेजा है। वहीं, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
विज्ञापन

महरौनी क्षेत्र के ग्राम दरौना निवासी श्यामजी सेंगर ने अपने अन्य साथियों चंद्रभान सिंह सेंगर, रविंद्र प्रताप सिह उर्फ राजा भैया, भाई आशुतोष सिंह, मुकेश सेन, मास्टर कॉलोनी निवासी गोलू चौहान, महरौनी निवासी नीलेश जैन, सतेंद्र सिंह के साथ मिलकर कई वर्ष पहले एक किसान एग्रो सोसाइटी (चिटफंड कंपनी) बनाई थी और क्षेत्र के करीब चार सौ लोगों से अधिक लोगों को गुमराह करके अपनी कंपनी से जोड़कर पैसे दोगुने करने के नाम पर रुपये जमा करवाए। महरौनी के आसपास के क्षेत्रों से लगभग तीस से पैंतीस करोड़ रुपये की अवैध उगाही की गई। जब किसी ग्राहक या सदस्य ने उक्त कंपनी के बारे में अपनी सदस्यता, पासबुक मांगी तो उन्हें एक पेज की फर्जी पासबुक दे दी गई। किसी भी सदस्य की आरडी पूरी होने पर कंपनी का नकद या चेक प्रदान नहीं किया गया, बल्कि अपने निजी बैंक खाते का चेक व किसी अपर्णा बंसल के नाम खाते के चेक प्रदान किए। इसके बाद कंपनी की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। लोग अपने पैसे वापस मांगने लगे तो उन्हें उन बैंक एकाउंट के चेक दिए गए, जिसमें पैसे भी नहीं थे। जमाकर्ताओं का दबाव बढ़ने पर कंपनी के मुख्य आरोपी फरार हो गए। कोतवाली महरौनी में इस मामले में आठों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है और पुलिस अधीक्षक द्वारा गठित की गई टीमों द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं, घोटाले की रकम करोड़ों में होने के चलते पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा लखनऊ से कराए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया है।
दोषियों की गिरफ्तारी व घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग
महरौनी क्षेत्र में फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर 35 करोड़ रुपयों की ठगी के मामले में पीड़ित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर इसकी जांच सीबीआई से कराए जाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी किए जाने की मांग की है। एसपी को दिए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम दरौना निवासी श्यामजी सेंगर ने चंद्रभूषण सिंह सेंगर, रविंद प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया, आशुतोष सेंगर आदि गैंग बनाकर एग्रोटेक कंपनी बनाकर पूरे क्षेत्र में सात सौ से आठ सौ लोगों को जमा की गई राशि पर दोगुनी राशि देने का प्रचार करके गुमराह किया गया और करीब 35 करोड़ रुपये हड़प लिए गए। ऐसे में ठेला वाले, सब्जी व फल विक्रेता, सैलून वाले व किराना दुकानदार व गरीब मजबूर का पैसा डूब गया है। पीड़ितों ने उक्त मामले में बृहस्पतिवार दोपहर में पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने व मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में अब्दुल गफ्फार, आशीष, ज्वाला प्रसाद, सुनील कुमार, हमीद खां, अमरेंद्र सिंह, आसिफ राईन, प्रकाश कुशवाहा, बलराम, धर्मेंद्र सेन, बलराम भंडारी, साबिर खां, विष्णु गुप्ता, बृजेंद्र पटेल, प्रमोद चौरसिया, प्रमोद साहू, देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद सिंह, जमना प्रसाद, रामकुंवर कुशवाहा आदि शामिल हैं।
विज्ञापन

फर्जी चिटफंड कंपनी बनाकर करोड़ों की ठगी के इस मामले की जांच ईओडब्ल्यू लखनऊ से कराए जाने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। वहीं मुख्य आरोपी समेेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
विज्ञापन

-गोपाल कृष्ण चौधरी, पुलिस अधीक्षक।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें