ललितपुर। जिले में अधिक से अधिक राजस्व वसूली के लिए विद्युत विभाग द्वारा अब पांच किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं की रीडिंग और वसूली के लिए उपखंड अधिकारियों और अवर अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
विद्युत विभाग द्वारा हर माह विद्युत मीटरों की रीडिंग करने के बाद उपभोक्ताओं को विद्युत बिल उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके लिए एक कार्यदाई संस्था द्वारा मीटर रीडरों के माध्यम से विद्युत बिलिंग का कार्य कराया जा रहा है। संस्था द्वारा हर माह करीब 20 से 30 प्रतिशत बिलिंग नहीं हो पा रही है।
उपभोक्ताओं को कई महीनों के बिल एक साथ थमा दिए जाने से उन पर एक साथ हजारों रुपये का बिल अदा करने का संकट उत्पन्न हो रहा है। विभाग द्वारा तमाम प्रयास करने के बाद भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो पाया है। जहां मीटर रीडरों द्वारा शत-प्रतिशत बिलिंग नहीं हो पा रही हैं, वहीं बिलिंग प्रभावित बने रहने के कारण विभाग पर भी हर माह ऐसे उपभोक्ताओं से वसूली का भार बढ़ता जा रहा है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा विद्युत भार के हिसाब से बिलिंग करने और राजस्व वसूली को बढ़ाने को जिम्मा अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने विद्युत अफसरों को राजस्व वसूली में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्हें निर्देशित किया गया है कि पांच किलोवाट से अधिक भार के विद्युत संयोजनों के हर माह शत-प्रतिशत रीडिंग के बिल निर्गत किए जाएं। मीटर खराब होने के कारण ऐसे सभी संयोजनों वाले उपभोक्ताओं के मीटर तत्काल बदलवाए जाएं। मीटर लगवाने के बाद उनके सीलिंग फीड कराएं। साथ ही पांच किलोवाट से 50 किलोवाट तक विद्युत संयोजनों के रीडिंग के बिल नहीं बनाए जाने या बिल निर्गत नहीं होने की दशा में अवर अभियंताओं को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। जबकि, पांच किलोवाट से अधिक के समस्त विद्युत संयोजनों की रीडिंग के लिए उपखंड अधिकारी जिम्मेदार होंगे।