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एक किलोमीटर की दूरी में दो करोड़ का अंतर

Mon, 24 Apr 2017 12:31 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : demo pic
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ललितपुर। बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए जिले में बनाए जा रहे सब स्टेशनों के निर्माण खर्च में करोड़ों रुपये का अंतर है। जखौरा और बानपुर में बन रहे सब स्टेशन की दूरी में सिर्फ एक किलोमीटर का फर्क है। लेकिन, इसके निर्माण खर्च में दो करोड़ से अधिक का अंतर है। इस स्थिति से विद्युत विभाग के अफसरों की कार्यशैली संदेह में है। हालांकि, अफसर ट्रांसपोर्ट आदि का खर्चे के कारण यह अंतर बता रहे हैं।


उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के निर्देश पर ओवरलोड और आपूर्ति में सुधार के लिए जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सात नए सब स्टेशनों के लिए करोड़ों रुपए खर्च किए गए हैं। जखौरा और बानपुर में विद्युत सब स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। इनमें जखौरा सब स्टेशन को रौंड़ा 132 केवी सब स्टेशन से जोड़ा गया है, जिसकी दूरी 24 किलोमीटर है। जबकि बानपुर विद्युत सब स्टेशन को महरौनी 132 केवी सब स्टेशन से जोड़ा गया है, जिसकी दूरी करीब 25 किलोमीटर है। दोनों सब स्टेशन की क्षमता पांच एमवीए है। दोनों की दूरी में सिर्फ एक किलोमीटर का फर्क है। इसके बाद भी जखौरा सब स्टेशन को बनाने में 6.29 करोड़ रुपए की लागत आई है, जबकि बानपुर विद्युत सब स्टेशन बनाने में 4.18 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। की लागत आई है। इस प्रकार से भी दोनों सब स्टेशनों में एक ही दूरी व एक ही क्षमता होने के बाद भी 2.11 करोड़ रुपए का अंतर है। जानकार बताते हैं कि यदि दोनों सबस्टेशनों को जोड़ने वाली दूरी में विद्युत लाइन और पोल लगाए गए होंगे तब भी यह अंतर बहुत ज्यादा है।
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इनमें भी भारी अंतर
जखौरा सब स्टेशन के निर्माण में 6.29 करोड़ रुपए की लागत आई है। मिर्चवारा सब स्टेशन के निर्माण में 5.14 करोड़ रुपए, जाखलौन के निर्माण में 4.92 करोड़ रुपए, नेहरुनगर सब स्टेशन में 4.67 करोड़ रुपए की लागत, बंगरिया सब स्टेशन के निर्माण में 4.59 करोड़ रुपए, बानपुर सब स्टेशन के निर्माण में 4.18 करोड़ रुपए और पूराकलां सब स्टेशन का निर्माण डेढ़ करोड़ रुपए में बनकर तैयार हो चुका है। ये सभी सब स्टेशन एक ही क्षमता के हैं।


ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण राशि में अंतर
सब स्टेशनों के निर्माण में 33 केवी लाइनों की दूरी और ट्रांसपोर्ट में खर्च के कारण उनके एस्टीमेट में इतना अंतर आ जाता है। दो सब स्टेशन तो बनकर तैयार हैं और आपूर्ति भी कर रहे हैं। बाकी पांच सब स्टेशनों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिनका शीघ्र संचालन शुरू हो जाएगा।       
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- संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत झांसी।

सात में सिर्फ दो ही हो सके शुरू
सात नए सब स्टेशन के लिए करोड़ों रुपए खर्च के बाद भी अब तक मात्र दो सब स्टेशन ही बनकर बिजली आपूर्ति दे पा रहे हैं। जबकि पांच सब स्टेशनों का निर्माण अब भी अधूरा है। जखौरा, जाखलौन, नेहरूनगर, बानपुर, मिर्चवारा, बंगरिया व पूराकलां में पांच एमवीए क्षमता के 33 केवी विद्युत सब स्टेशनों का निर्माण हो रहा है। इसमें से जखौरा और बानपुर विद्युत सब स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। बाकी पांच सब स्टेशन निर्माणाधीन हैं। जबकि सभी विद्युत सब स्टेशनों का निर्माण एक ही समय से चल रहा है। सभी विद्युत सब स्टेशन एक ही क्षमता के हैं। बावजूद अब तक यह बनकर तैयार नहीं हो सके हैं।
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