ललितपुर। तालाबपुरा स्थित एक कालोनीवासियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन देकर विद्युुत विभाग द्वारा कालोनी का बार-बार एस्टीमेट बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने पूर्व में बनाए गए एस्टीमेट का रुपये जमा कराकर विद्युत संयोजन दिलाने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में बताया गया है कि उनकी सभी कॉलोनी वासियों ने दो सितंबर 2019 को अधिशाषी अभियंता ललितपुर को कॉलोनी में विद्युतीकरण करते हुए नए विद्युत संयोजन के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, जिसको लेकर तत्कालीन अवर अभियंता पंकज मौर्या ने 13 दिसंबर 2019 को पूरी कॉलोनी में विद्युतीकरण खंभों सहित लाईन डालने एवं ट्रांसफार्मर रखने का एस्टीमेट 12,92,000 रुपये का बनाया था, जिस पर तत्कालीन अधिशाषी अभियंता शैलेंद्र कटियार ने एक फरवरी 2020 को पैसा जमा करने के लिए कहा उसके बाद उनका ट्रांसफर हो गया। जब वह लोग पैसा जमा करने गए तो नये अधिशाषी अभियंता राकेश सिंह ने कहा कि नया एस्टीमेट बनेगा, जो अठारह लाख रुपये का बनाया गया था, जिसके लिए सभी कॉलोनी वासियों ने पैसे इकट्ठे किए। उसके बाद लॉक डाउन लगने के कारण वह पैसे जमा नहीं कर पाए और फिर लॉक डाउन हटने के बाद जब पैसे जमा करने गए तो उन्होंने कहा कि अब फिर से सर्वे होकर नया एस्टीमेट बनेगा। जिसके लिए वह विभाग के आठ माह से चक्कर लगाते रहे हैं, लेकिन न तो उन्होंने पैसे जमा किए और न ही नया एस्टीमेट बनाया। अब फरवरी माह में उन्होंने बताया कि नया एस्टीमेट पचास लाख रुपये का बनाया गया है, जो वह सभी कालोनी वासी एकत्र करने में असमर्थ हैं। वर्तमान में कालोनी में केवल कुछ परिमवार ही निवास कर रहे हैं, जिनके बच्चों के बोर्ड के पेपर भी है। इसी मोहल्ले के बगल में पार्श्वनाथ कॉलोनी लगी हुई है, जिसमें विभाग द्वारा कोई विद्युतीकरण नहीं किया गया है और न ही कोई खंभे लगाये है और न ही कोई ट्रांसफार्मर रखा है, उसके बाद भी वहां विद्युत कनेक्शन आसानी से दिए जा रहे हैं इसी आधार पर हम लोगों को भी कनेक्शन दिया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी से उन लोगों के पास जो अठारह लाख रुपये एकत्र हैं उनसे जमा कराया जाने और विद्युत कनेक्शन दिलाए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर विशाल जैन, सुनील जै, अवनीश समैया, राधेश्याम पांडेय, देवकीनंदन, सुनीत जायसवाल, आशीष जैन, प्रकाश वर्मा, विजय कुमार, संजीत, खेमचंद वर्मा, करन जोशी, सतीश चौबे, करन जोशी, सुधीश कुमार, निगवेंद्र सिंह, राजेेश चौधरी, नितिन साहू आदि के हस्ताक्षर शामिल हैं।