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बुजुर्ग मरीजों को मिलेगा विशेष इलाज

Fri, 04 Dec 2015 12:34 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों को अब जिला स्तर पर विशेषजों द्वारा चिकित्सा उपलब्ध कराई जाएगी। जिला अस्पताल में जल्द ही बुजुर्गों के लिए अलग से वार्ड तैयार किया जाएगा।
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भारत सरकार की ओर से बुजुर्ग मरीजों को विशेष स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के मकसद से नेशनल प्रोग्राम फॉर द हेल्थ केयर ऑफ इल्डर (एनपीएचसीई) योजना शुरू की है। इसके तहत सभी राज्यों के चुनिंदा जिलों को शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश से चयनित नौ जिलों में ललितपुर जिला भी शामिल है।

जिला अस्पताल में बुजुर्गों के लिए जेरायटिक वार्ड तैयार करने के लिए सर्वे कर लिया गया है। वार्ड तैयार करने का काम इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण कर लिया जाएगा। वार्ड में 10 बिस्तर होंगे, जबकि दो बिस्तर अलग से विशेष मरीजों के लिए होंगे। कुल मिलाकर 12 बेड का वार्ड तैयार किया जाएगा, जो पूर्ण रूप से 60 वर्ष की उम्र से अधिक के मरीजों के लिए समर्पित रहेगा।
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जेरायटिक वार्ड की स्थापना के साथ ही अलग स्टाफ की नियुक्ति भी जाएगी। एनपीएचसीई योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के मरीजों का इलाज होगा, जबकि 80 वर्ष से ज्यादा उम्र के मरीजों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

नए स्टाफ की होगी भर्ती
एनपीएचसीई योजना के क्रियान्वयन के लिए नए स्टाफ की भर्ती की जाएगी। जिला अस्पताल में दो चिकित्सक, छह नर्स और एक फिजियोथेरेपिस्ट की भर्ती होगी। वहीं, सीएचसी पर एक चिकित्सक, दो नर्स व एक फिजियोथेरेपिस्ट, पीएचसी पर एक चिकित्सक व दो नर्स की नियुक्ति होगी। वृद्धों के इलाज के लिए विशेषज्ञ स्टाफ की भर्ती होगी।

ऐसा रहेगा बजट का हाल
जिला अस्पताल में जेरायटिक वार्ड बनाए जाने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन के तहत वार्ड निर्माण के लिए 80 लाख रुपये, मशीन और उपकरणों के लिए सात लाख रुपये एकमुश्त, तीन लाख रुपये वार्षिक, दवाई के लिए दस लाख वार्षिक, सीएचसी व पीएचसी के स्टाफ की ट्रेनिंग के लिए हर साल 80 हजार रुपये, जागरूकता के लिए दो लाख रुपये सालाना, मानव संसाधन के लिए 28 लाख बीस हजार रुपये सालाना का बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

पीएचसी को 30 हजार रुपये एक मुश्त व 50 हजार रुपये सालाना उपलब्ध कराया जाएगा। सीएचसी सेंटर पर पचास हजार रुपये एक मुश्त व साढ़े तीन लाख रुपये वार्षिक उपलब्ध कराएं जाएंगे।

इन जिलों में खुलेंगे वार्ड
रायबरेली, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, इटावा, झांसी, जालौन और ललितपुर।  

सब सेंटर से शुरू होगा इलाज
योजना के तहत सब सेंटर पर तैनात एएनएम स्तर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। बुजुर्गों की बीमारियों को देखते हुए सारे स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। बुजुर्ग मरीजों को सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल में इलाज होगा। सीएचसी में सप्ताह में एक बार बुजुर्ग मरीजों के लिए ओपीडी लगाई जाएगी। इसमें साधारण चेकअप जैसे ब्लड शुगर, डायबिटीज व आंख आदि का चेकअप किया जाएगा। गंभीर मरीजों को पीएचसी या जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।

इसी तरह पीएचसी स्तर पर सप्ताह में दो बार बुजुर्ग मरीजों की ओपीडी का आयोजन किया जाएगा। फिजियोथेरपी का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही गंभीर और अस्पताल आने में असमर्थ मरीज को घर पर देखने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। जिला अस्पताल में रोज ओपीडी लगेगी जहां बुजुर्ग मरीजों को पैथोलॉजी की सारी सुविधाओं के साथ बीमारी के हिसाब से विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवा उपलब्ध हो सकेगी।

ज्यादा गंभीर मरीजों को रीजनल जेरायटिक सेंटर रेफर किया जाएगा। उत्तर प्रदेश का रीजनल जेरायटिक सेंटर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बनाया गया है।
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