फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: खूब बिके मिट्टी के दीये और ग्वालिन, सजावटी सामान का बाजार रहा गुलजार

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। दीपावली के लिए रविवार को बाजार में सबसे अधिक मिट्टी के दीये और लक्ष्मी स्वरूपा ग्वालिन की खूब बिक्री हुई। लक्ष्मी-ग्रणेश की प्रतिमाएं और शुभ-लाभ, शुभ दीपावली की बंदनवार सहित सजावटी सामान व इलेक्ट्रॉनिक बाजार में दिन भर खरीदारी होती रही। छोटी दीपावली पर भी लोग सोना, चांदी और बाइक की खरीदारी करते रहे।
विज्ञापन

पंच महोत्सव की शुरुआत शनिवार को धनतेरस से हो चुकी है। रविवार को छोटी दीपावली मनाई गई। मिट्टी के दीये और ग्वालिन की खूब खरीदारी की गई। पूजन के लिए मिट्टी की चाक, डबलियां आदि की खरीदारी की गई। इसके साथ ही श्री यंत्र, लक्ष्मी यंत्र, कुबेर यंत्र की दुकानें सजाई गईं। लोगों ने लक्ष्मीजी व लक्ष्मी-गणेश की फोटो भी खरीदी। लक्ष्मीजी के चरण की भी खूब मांग रही, जो फोटो वाली दुकानों पर आसानी से मिल रही थी।
इसके अलावा बाजार में पूजन के लिए तांबे व पीतल का कलश, पीतल की पूजन की थालियां, भगवान के पीतल के सिंहासन, पीतल की घंटियां, तांबे के हवन कुंड के अलावा पीतल के भगवान ठाकुरजी की छोटी और मध्यम मूर्तियां भी खूब खरीदी गईं। पूजन के लिए खील, लाई, बताशा और चिरौंजी की दुकानों पर भी खूब भीड़ रही।
विज्ञापन


दूसरे दिन भी चमका कारोबार
इलेक्ट्रॉनिक, सराफा और ऑटोमोबाइल बाजार में रविवार होने के बाद भी खूब बिक्री होती रही। कई लोग जो धनतेरस के दिन बाइक या सोना, चांदी, टीवी, फ्रिज आदि नहीं खरीद सके थे, उन्होंने रविवार को खरीदारी की। कई लोगों ने बेटियों व छोटे बच्चों के नाम पर बाइक व अन्य सामान खरीदे। गल्ला मंडी के पहले एक ऑटोमोबाइल के दुकान पर गांधी नगर निवासी व्यक्ति ने अपनी बेटी रासी श्रीवास्तव के नाम से स्कूटी खरीदी। सराफा व्यापारी संदीप सराफ ने बताया कि छोटी दीपावली पर भी आभूषणों की लोगों ने अच्छी खरीदारी की।

हनुमानजी का किया शृंगार, हुआ पूजन
दीपावली के एक दिन पहले छोटी दीपावली यानी नरक चतुर्दशी मनाई गई। इस दिन घरों में तुलसी का पूजन भी किया जाता है और तुलसीघर की 108 परिक्रमा की गई। छोटी दीपावली पर मां लक्ष्मीजी को चांदी के सिक्के अर्पित कर पूजन किया गया। जबकि, इससे पहले छोटी दीपावली पर घरों, मंदिरों एवं प्रतिष्ठानों के दरवाजों पर मिट्टी के दीये जलाकर रखे गए। लोगों ने मंदिरों में पहुंचकर पूजन अर्चन भी किया। इस दिन मंदिरों में हनुमान जयंती भी मनाई जाती है। देर रात को हनुमानजी का आकर्षक शृंगार किया गया। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को हनुमानजी की विशेष पूजा का विधान बताया गया है। हनुमान जयंती पर सोमवार सुबह आठ बजे से हवन पूजन व प्रसाद वितरण होगा। जबकि, शाम को छह बजे से रात नौ बजे तक आयोजन होगा। इसके बाद 26 अक्तूबर को भंडारा एवं प्रसाद वितरण शाम छह बजे होगा। यह आयोजन संजू महाराज के नेतृत्व में किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें