अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। नौतपा के तीसरे दिन तेज धूप से धरती तपती नजर आई। दोपहर में 1.30 बजे तापमान 46 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, इससे लोग घरों में कैद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक रेड अलर्ट करते हुए तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई है।
आपदा विशेषज्ञ आरती सिंह ने बताया कि तीन दिन तक जनपद रेड अलर्ट में है। इन दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहेगा। जनमानस एवं पशु हानि की संभावना हो सकती है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 से तीन बजे तक विशेष ध्यान रखें। कोई जरूरी काम हो तभी बाहर निकलें। वह भी गमछा, टोपी या छाते का उपयोग करना न भूलें। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे छाछ, लस्सी, नींबू पानी, आम के पना का सेवन करें।
सोमवार को मौसम सबसे अधिक गर्म होने के कारण लोग परेशान नजर आए। सुबह करीब 11 बजे तेज धूप और लू के थपेड़ों से बचने के लिए वर्णी चौराहा के निकट पेड़ के नीचे खड़े रामआसरे ने बताया कि बस स्टैंड पर जा रहे थे, लेकिन गर्मी से चक्कर आने के कारण कुछ देर पेड़ के नीचे बिताना उचित समझा। इसी रोड पर स्थित कचहरी के बाहर कुछ वादकारी पेड़ों के नीचे बैठे नजर आए। इनमें से शत्रुघन यादव ने बताया कि वह तारीख पर आया था, लेकिन धूप की वजह से उसे पेड़ की छाया में आसरा लेना पड़ा। धूप कम होने पर गांव के लिए जाएगा। अस्पताल रोड पर लगे पेड़ के नीचे भी लोग बैठे नजर आए। इधर, कुछ गोवंश धूप से बचाव के लिए पेड़ों के नीचे खड़े दिखे। कुछ समाजसेवियों ने अपने घरों के बाहर पानी की टंकी पशुओं के लिए रखवा दी है, जिससे वह प्यासे न भटकें।
-प्याऊ बन रहे राहगीरों का सहारा
नगर पालिका व समाजसेवियों ने जो प्याऊ लगवाए हैं, वह अब राहगीरों के लिए सहारा बने हुए हैं। धूप और लू से परेशान होकर लोग प्याऊ पर रुककर गला तर कर रहे हैं। खास बात यह कि इन प्याऊ पर घड़े का पानी पीने को मिल रहा है, जिससे राहगीर की प्यास बुझ जाती और नुकसान भी नहीं करता।
-इस तरह हीट स्ट्रोक से कर सकते हैं बचाव
यात्रा करते समय पानी जरूर अपने साथ रखें।
हल्के रंग के वस्त्र पहनें।
घर की छत पर चूना/सफेद रंग का पेंट करने से तापमान में गिरावट आ सकती है।
धूप में खड़े वाहनों में बच्चे एवं पालतू जानवरों को छोड़कर न जाएं।
पशुओं को छाया में बांधें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं।
लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लेटा कर सूती गीले कपड़ों से पोछें या पानी का स्प्रे करें। कम प्रभाव होने पर नहला भी सकते हैं।
कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी आने पर या मांसपेशियों में ऐंठन हो या चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।