ललितपुर। जिले के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में इस्तेमाल हो रही ई-पॉप मशीन में नेटवर्क की समस्या आड़े नहीं आएगी। इस मशीन में दो सिम कार्ड के साथ वाई-फाई की सुविधा प्रदान की गई है। इससे मशीनों का प्रयोग खरीद में आसानी से किया जा सकेगा।
जिले में 20, 500 किसानों ने गेहूं खरीद के लिए पंजीयन कराया है। इसमें से आठ हजार किसानों ने अपनी उपज की तौलाई करा ली है। अब क्रय केंद्रों को ई-पॉप मशीन (प्वाइंट ऑफ परचेजिंग) उपलब्ध करा दी गई हैं। इन मशीनों में दो सिम कार्ड डाले गए हैं। इसके अलावा इसमें वाई-फाई की सुविधा प्रदान की गई है। यदि किसी केंद्र पर नेटवर्क की समस्या आती है तो केंद्र प्रभारी अपने मोबाइल से मशीनों को वाई-फाई के जरिए कनेक्ट कर सकते हैं। वर्तमान में 8 मशीनों में तकनीकी समस्या आ गई हैं, जिससे उनका प्रयोग नहीं हो पा रहा है। विभागीय अफसरों ने उनकी मरम्मत कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है। कुछ दिनों में ई-पॉप मशीन के बिना किसी भी केंद्र पर गेहूं की खरीद नहीं हो सकेगी। विभागीय अफसरों का मानना है कि इस मशीन के इस्तेमाल से व्यापारियों का माल तौले जाने जैसी शिकायतों पर अंकुश लग जाएगा। किसान को मशीन पर अंगूठा लगाना है। इसके बाद उपरांत पंजीयन के दौरान कराया गया विवरण मशीन में खुल जाएगा। इससे किसान का सत्यापन हो जाएगा। यदि किसी किसान का अंगूठा मशीन नहीं पहचान पा रही है तो ऐसे में किसान के मोबाइल पर ओटीपी जारी किया जाएगा। इस तरह की प्रक्रिया में किसान के अलावा अन्य कोई व्यक्ति केंद्र पर अपना माल बेच नहीं पाएगा।
जिले के सभी केंद्रों पर ई-पॉप मशीन उपलब्ध करा दी गई है। आठ मशीनों में कुछ कमियां उजागर हुई हैं। इन कमियों को दूर किया जा रहा है।
राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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अमरपुर मंडी में किसानों ने डाला डेरा, भीगा गेहूं
कारीटोरन। अमरपुर मंडी में तीन में से एक केंद्र संचालित हो रहा है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में असुविधा हो रही है। कई किसान अन्य दो केंद्रों के खुलने के इंतजार में मंडी में डेरा डाले हैं। उन्होंने अपनी उपज टिनशेड के नीचे रख ली है। एक किसान का गेहूं ट्रैक्टर ट्राली में खुला रखा होने से भीग गया है। कुछ किसान ऐसे हैं जो एक सप्ताह से मंडी में डटे हुए हैं। अब उनका धैर्य जवाब देने लगा है।
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