ललितपुर। राजकीय जिला पुस्तकालय के पाठकों को आने वाले दिनों में केटलॉग की सुविधा मुहैया हो सकेगी। वहीं, मार्च के अंत तक ई-ग्रंथालय साफ्टवेयर में करीब तीन हजार पुस्तकों की फीडिंग हो जाएगी, जिससे पाठकों को मनपसंद पुस्तकों का चयन करना आसान हो जाएगा।
आधुनिकता के दौर में मनोरंजन सर्वसुलभ होता जा रहा है। टेलीविजन से लेकर मोबाइल पर फिल्में, गाने, भजन, गेम, कार्टून कार्यक्रम सरीखे मनोरंजन उपलब्ध हो गए हैं। इससे लोगों में पुस्तकों के अध्ययन में दिलचस्पी कम होने लगी है। इसका गवाह सार्वजनिक पुस्तकालय और वाचनालय है।
पुस्तकालय और वाचनालयों में पाठकों की संख्या में निरंतर गिरावट हो रही है, जिसे ध्यान में रखकर पुस्तकालयों में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विशेषकर राजकीय जिला पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों को ई-ग्रंथालय नामक साफ्टवेयर पर आनलाइन किया जा रहा है,
जिससे पाठकों को पुस्तकालय में मनपसंद पुस्तकों को तलाशने में ज्यादा समय नहीं देना पड़ेगा। पुस्तकालय में केटलॉग की सुविधा मिलने लगेगी। इसके बाद पाठकों को कुछ ही पलों में मनपसंद पुस्तक अध्ययन के लिए प्राप्त हो जाएगी।
इतनी हैं पुस्तकें
जिला पुस्तकालय में करीब 26 हजार पुस्तकों को अध्ययन करने के लिए लगभग 650 पाठक पंजीकृत हैं। जिनके नाम की फीडिंग का काम आरंभ हो गया है।
सर्वर कर रहा परेशान
ई- पुस्तकालय का काम सर्वर के कारण प्रभावित हो रहा है। जिस सर्वर पर पुस्तकों की अपलोडिंग होनी है, उसमें तकनीकी कमी आ गई है, जिससे ई-पुस्तकालय का काम फिलहाल रुका हुआ है।
यह है ई- पुस्तकालय
ई- पुस्तकालय में आनलाइन पुस्तकों के साथ मनोरंजन का ध्यान रखने का प्रावधान है। जब पाठकों में अध्ययन के प्रति अनिच्छा हुई तो वह कार्टून जैैसे कार्यक्रमों का मजा ले सकेंगे। हालांकि, इसके लिए पाठकों को अभी इंतजार करना होगा।
पुस्तकों के नाम की फीडिंग का कार्य चल रहा है, साथ ही पुस्तकों की रैक भी व्यवस्थित की जा रही है। निर्बाध बिजली आपूर्ति के अभाव में फीडिंग को गति नहीं मिल पा रही है। मार्च माह के अंत तक तीन हजार पुस्तकों की फीडिंग के लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
- अमित शुक्ला
इंचार्ज पुस्तकालयाध्यक्ष, ललितपुर