ललितपुर। कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। झांसी जिला कारागार में मरीजों की संख्या एकदम से बढ़ने के कारण ललितपुर जिला कारागार में भी बंदियों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। नए बंदियों की सैंपलिंग कराकर जांच की जा रही है। अब तक 110 बंदियों की जांच हो चुकी है।
जिला कारागार में आपराधिक घटनाओं के मामले में 400 से अधिक बंदी बंद हैं। ऐसे में बंदियों में कोरोना न फैल जाए, इसके लिए जेल प्रशासन द्वारा तैयारियां की गई हैं। जेल प्रशासन ने पूर्व से बंद कैदियों और बंदियों की सुरक्षा के लिए उन्हें जेल में बनाए गए मास्क उपलब्ध कराए गए हैं। सैनिटाइजर और साबुन उपलब्ध कराया गया है। दालचीनी, काली मिर्च, चिरायता, तुलसी, गिलोय आदि का काढ़ा भी दिया जा रहा है। बैरकों की नियमित रूप से सफाई और सैनीटाइजेशन कराया जा रहा है। जेल में बंद प्रत्येक बंदी की थर्मल स्क्रीनिंग समय-समय पर की जा रही है।
जेल में आने वाले नए बंदियों के लिए जांच कराना आवश्यक कर दिया गया है। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी
द्वारा गठित विशेष टीम द्वारा बंदियों की सैंपलिंग कराई जा रही है। फिलहाल अभी तक जेल में कोरोना का कोई भी मरीज नहीं मिला है।
जेल में पहुंचने वाले नए बंदियों को कुछ समय के लिए अलग बैरकों में रखा जा रहा है, ताकि यदि उनमें कोरोना के कोई लक्षण आते हैं तो वह पुराने बंदियों के संपर्क में न रहे और कोरोना के बचाव हो सके। बंदियों के खानपान का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि खानपान से कोरोना संक्रमण न फैले।
अभी तक जिला जेल में संक्रमण का कोई भी व्यक्ति नहीं है। बंदियों की सुरक्षा के लिए शासन द्वारा गाइड लाइन के तहत सभी इंतजाम किए जा रहे हैं। बैरको को नियमित सैनिटाइज कराया जा रहा है। चिकित्सकों द्वारा नियमित जांच की जा रही है।
- सुरेश कुमार, डिप्टी जेलर
जिला जेल में बंदियों के लिए शासन की गाइडलाइन के तहत दो माह तक विशेष काढ़ा दिया गया। नए बंदियों को अलग बैरक में 14 दिन के लिए चिकित्सकीय देखरेख में क्वारंटीन किया जा रहा है। जेल में सभी बंदियों को उनकी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए होम्योपैथिक दवा दी जा रही है। - डा. विजय द्विवेदी, जेल चिकित्सा अधिकारी।