- खरीफ की फसल हो चुकी है बर्बाद, अप्रैल से नहीं आया इस योजना का पैसा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। खरीफ की फसल नष्ट होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। ऐसेे में सबसे ज्यादा उन किसानों को परेशानी हो रही है, जिनके पास सहभागिता योजना के पशु हैं, क्योंकि पिछले करीब छह माह से सहभागिता की धनराशि भी किसानों के खातों में नहीं आई है। ऐसे में वह जानवरों के भरण-पोषण के लिए संसाधन नहीं जुटा पा रहे हैं।
जनपद में सहभागिता योजना के तहत 5032 किसानों को 9270 पशु सौंपे गए हैं, प्रतिमाह एक पशु के भरण-पोषण के लिए इस योजना के तहत 1500 रुपये दिए जाते हैं। इस हिसाब से प्रतिमाह 1.39 करोड़ रुपये पशुपालकों को देय हैं। वर्तमान में पांच माह से यह धनराशि किसानों के खातों में नही पहुंच रही है। वर्तमान में जिले के किसानों की हालत बहुत ही खराब है, खरीफ की फसल नष्ट होने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब है। वह मुश्किल में अपने परिवार का भरण-पोषण कर पा रहे हैं। क्योंकि खरीफ की फसल नष्ट तो हुई है, साथ ही उसका बीमा क्लेम व सरकार से मिलने वाली राहत राशि नहीं मिली है। ऐसे में आगामी रबी फसल की बोआई के लिए वह जुगत लगा रहे हैं। ऐसे में सहभागिता के गोवंश का भरण-पोषण करना उनके लिए अतिरिक्त भार लग रहा है। अधिकांश जगहों पर किसान जो भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने किसानों को छुट्टा छोड़ दिया है। बताते चलें कि इन सभी किसानों को पशुओं के भरण-पोषण का 6.95 करोड़ रुपये सरकार से चाहिए है।
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सहभागिता योजना के तहत गोवंश को लिया था, लेकिन पिछले पांच माह से धनराशि नहीं आई है। खरीफ की फसल भी नष्ट हो चुकी है। बीमा क्लेम मिला नहीं है, ऐसे में गोवंश का भरण-पोषण करना अब जेब पर भारी पड़ने लगा है।-प्रेमनारायण
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गोवंश की सेवा के उद्देश्य से सहभागिता योजना के तहत गोवंश लिए थे। लेकिन पिछले पांच माह से एक रुपये भी सरकार से नहीं मिला है। खरीफ की फसल बर्बाद हो गई है, पहले भी कई माह में रुपये आता था, लेकिन खेती-बाड़ी अच्छी होने से घर का रूटीन चल जाता था। लेकिन इस स्थिति में सरकार को समय से रुपया भेजना चाहिए।
नंद किशोर
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शासन में डिमांड भेजी है, शासन से धनराशि अवमुक्त होने की सूचना मिल रही है, एक दो दिन में किसानों के खातों में धनराशि आने की उम्मीद है।-डॉ. भगवान सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी