ललितपुर। शनिवार को जिला महिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। यहां पर आई गर्भवती महिलाएं बंद की सूचना देखकर वापस लौट गईं। इसके बाद कइयों ने निजी पैथोलॉजी पर पहुंचकर जांच कराई, तो कुछ ने जिला अस्पताल में पहुंचकर अल्ट्रासाउंड कराया। जहां पर बारी आने के लिए जमीन पर बैठकर गर्भवतियों को इंतजार करना पड़ा।
जिले में गर्भवती महिलाओं के लिए सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा केवल जिला महिला अस्पताल में है। यहां प्रतिदिन पांच सौ से अधिक महिलाएं ओपीडी में उपचार कराने पहुंचतीं हैं, तो 22 से अधिक प्रसव को आतीं हैं। मगर यहां सुविधाएं बदहाल हैं। यहां पर पहले ही अल्ट्रासाउंड के लिए विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में डॉ. गजेंद्र सिंह ही अल्ट्रासाउंड का कार्य करते हैं। शनिवार को चिकित्सक के अवकाश पर जाने से अल्ट्रासाउंड नहीं हो सके। गर्भवती महिलाओं ने पंजीकरण खिड़की पर अल्ट्रासाउंड बंद होने की सूचना देखी तो मायूस हो गईं। इनमें कुछ निर्धन तबके की महिलाएं बिना जांच के ही वापस हो गईं। कुछ ने निजी पैथोलॉजी में अधिक दाम चुकाकर जांच कराई। कइयों ने जिला अस्पताल में पहुंच कर अल्ट्रासाउंड कराया।
जिला अस्पताल में पहुंची महिलाओं को भीड़ होने के चलते यहां पर असुविधाओं से जूझना पड़ा। कक्ष के बाहर बैठने की सुविधा नहीं मिली। खड़े रहकर थकने पर जमीन पर बैठकर अपनी बारी आने का इंतजार किया। बारी आने से पहले ही ओपीडी बंद हो गई। ऐसे में रिपोर्ट लेकर बिना चिकित्सक को दिखाए ही वापस हो गईं। अब इन्हें उपचार के लिए दूसरे दिन आना होगा।
जिला अस्पताल स्थित पैथोलॉजी में बेंच रखीं हुई थीं, जिन्हें संक्रमण के चलते हटा दिया गया था। अब संक्रमण कम हुआ है। जल्द ही बैठने के लिए बेंच डलवाई जाएंगी।- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरुष।