संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मरीजों को सेवा भाव, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ उपचार देना प्रत्येक चिकित्सक का कर्तव्य है। समय के साथ स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक बदलाव आया है। आधुनिक उपकरणों, नई तकनीकों और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से उपचार अधिक प्रभावी और सुगम हुआ है। एक समय ऐसा था जब संसाधनों के अभाव में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना से हालात काफी बदले हैं। चिकित्सकों का कहना है कि आधुनिक सुविधाओं के साथ सेवा भावना भी उतनी ही जरूरी है। डॉक्टर्स डे के अवसर पर जिले के वरिष्ठ चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा किए.....
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कैप्शन- डॉ. अनुपम मिश्रा
संवेदनशीलता के साथ सुरक्षित उपचार देना जरूरीनाक-कान-गला एवं सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अनुपम मिश्रा ने बताया कि पिछले 16 वर्षों से वह ललितपुर में सिर एवं गर्दन के कैंसर सहित विभिन्न जटिल रोगों का उपचार कर रहे हैं। महानगरों में शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने जनपदवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का संकल्प लिया था। उनका मानना है कि चिकित्सक को संवेदनशील रहते हुए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार देना चाहिए। मरीजों को उनकी बीमारी और उपचार प्रक्रिया की पूरी जानकारी देकर उन्हें निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाना भी आवश्यक है।
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कैप्सन- डाॅ. विशाल जैन,
मेडिकल कॉलेज से दूर हुई चिकित्सकों की कमी मेडिकल कॉलेज के सहायक आचार्य एवं मीडिया प्रभारी डॉ. विशाल जैन ने कहा कि पहले जिले में चिकित्सा सुविधाएं और संसाधन सीमित थे। चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने जिले में रहकर लोगों की सेवा करने का निर्णय लिया। मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद चिकित्सकों की कमी काफी हद तक दूर हुई है। अब मरीजों को अधिकांश बीमारियों का इलाज जिले में ही उपलब्ध हो रहा है, जिससे उन्हें महानगरों की ओर नहीं जाना पड़ता। यह स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है।
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कैप्सन- डॉ. विकास जैन,
लोगों का भरोसा बढ़ा, सुविधाएं भी हुईं बेहतर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास जैन ने बताया कि चिकित्सा शिक्षा पूर्ण करने के बाद वह पुणे और इंदौर जैसे शहरों से ललितपुर आए। शुरुआत में लोगों को दवाओं के माध्यम से उपचार पर विश्वास दिलाना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि अधिकांश लोग इंजेक्शन को ही प्रभावी इलाज मानते थे। धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ा और अब आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को लेकर जागरूकता आई है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक एंटीबायोटिक दवाओं के प्रयोग से बचना चाहिए। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से मरीजों का विश्वास और मजबूत हुआ है।
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कैप्सन- डॉ. राजकुमार जैन
स्वास्थ्य सेवाओं में आया बड़ा बदलाव इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जैन ने बताया कि करीब 35 वर्ष पहले जिले में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद सीमित थीं। उस समय मलेरिया जैसे रोगों के इलाज के लिए भी लोगों को झांसी जाना पड़ता था। ऐसे दौर में उन्होंने ललितपुर में सेवाएं शुरू कीं और लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव आया है।