मेडिकल कॉलेज : इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप, परिजन ने किया हंगामा
संबाद न्यूज़ एजेंसी
ललितपुर। प्रसूता की मौत होने के बाद आक्रोशित परिजन और लोगों ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए देर रात जमकर हंगामा किया। चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम सदर व सीओ सदर सहित पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा और आक्रोशित लोगों को काफी समझाया। मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य ने महिला चिकित्सक को जांच पूरी होने तक के लिए निलंबित कर दिया। करीब तीन से चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शहर के मोहल्ला आजादपुरा निवासी गर्भवती मालती (37) पत्नी नवीन सोनी की शनिवार को मौत हो गई थी। परिजन ने जिला महिला अस्पताल की महिला चिकित्सक पर प्रसूता का सीजर नहीं करने का आरोप लगाया। यह भी बताया कि प्रसूता के परिजन मेडिकल काॅलेज प्रधानाचार्य के पास शिकायत लेकर पहुंचे थे। प्रधानाचार्य ने प्रसूता का सीजर करने के लिए चिकित्सक को निर्देश दिए थे। बावजूद इसके सीजर नहीं किया गया। इस दौरान देर शाम को प्रसूता की मौत हो गई। प्रसूता की मौत से परिजन में कोहराम मच गया और उन्होंने महिला चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की। देर रात को मृतका के परिजन सहित अन्य लोगों ने महिला अस्पताल में हंगामा कर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी करने लगे। सूचना पर एसडीएम सदर चंद्र भूषण प्रताप सिंह व सीओ सदर अभय नारायण राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगो को समझाने का प्रयास किया। लेकिन आक्रोशित लोग नहीं माने। इस बीच सीओ सदर व आक्रोशित लोगों के बीच तीखी बहसबाजी भी हुई। लेकिन आक्रोशित लोग परिसर में ही बैठकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे।
इधर, सूचना पर मेडिकल कालेज प्रधानाचार्य डी नाथ पहुंचे और उन्होंने चिकित्सक स्वाति खरे को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय डॉ. केके मिश्रा, डॉ. डीके राज और डॉ. रजनी रतमेले को नामित करते हुए जांच टीम गठित की। प्रधानाचार्य ने पूरे मामले की गहनता से जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए। करीब तीन से चार घंटा प्रदर्शन करने के बाद आक्रोशित परिजन व लोग देर रात को जिलाधिकारी आवास के बाहर पहुंचे। यहां अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाकर शांत कराया।
डीएम ने सीएमओ की अध्यक्षता में गठित की चार सदस्यीय जांच टीम
शनिवार को प्रसूता की मौत होने और जिला महिला अस्पताल के चिकित्सक पर लापरवाही के आरोप लगने सहित आक्रोशित परिजन व लोगों के द्वारा प्रदर्शन और नारेबाजी करने को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने पूरे मामले की गहनता से जांच करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच टीम गठित की। टीम में एसडीएम सदर, सीओ सदर और प्रभारी अधीक्षक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दैलवारा को सदस्य नामित किया गया। डीएम ने टीम को प्रसूता की इलाज के अभाव में मौत होने पर उत्तरदायित्व निर्धारित कर रविवार को ही जांच रिपोर्ट प्रेषित करने के आदेश दिए। इसी क्रम में रविवार को टीम ने अपनी जांच शुरू की और शाम को इलाईट क्षेत्र में स्थित एक निजी नर्सिंग होम में जाकर जांच-पड़ताल की। प्रसूता की मौत में उक्त नर्सिंग होम पर भी आरोप लगाए गए थे और यहां पर उक्त महिला काे भर्ती किया गया था।
पुलिस की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार
इलाज के अभाव में प्रसूता की मौत होने और आक्रोशित परिजन के द्वारा हंगामा काटते हुए प्रदर्शन व नारेबाजी के बाद स्थिति को नियंत्रण में करने के बाद पुलिस ने अपनी निगरानी में रविवार को पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में ही महिला के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
प्रसूता की मौत के बाद परिजन ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। प्रदर्शन किया था। उनको समझाया गया। मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य भी मौके पर आए। उन्होंने कार्रवाई करते हुए महिला चिकित्सक स्वाति को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच को लेकर आंतरिक कमेटी गठित की गई है। उसकी रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-चंद्रभूषण प्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी सदर
मामले को लेकर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य होंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। महिला के शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार पुलिस की निगरानी में कराया गया है।
-अभय नारायण राय, क्षेत्राधिकारी सदर
वर्जन
महिला की मौत होने पर लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक को जांच पूरी होने तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं।
-डॉ. डी.नाथ, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज