ललितपुर। समायोजित शिक्षामित्रों ने भविष्य में अंधेरा होने पर दीप रोशन नहीं किए। वहीं, जो शिक्षामित्र समायोजित होने से रह गए हैं, उनकी भी दीवाली मानदेय नहीं मिलने से फीकी रही। शनिवार को शिक्षामित्रों ने लेखा कार्यालय के खिलाफ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
उच्च न्यायालय ने शिक्षामित्रों का समायोजन रद कर दिया है, तभी से उनका भविष्य अनिश्चितता भरा हो गया है। समायोजन के बाद से उन्हें वेतन नहीं मिला है। वहीं, शिक्षामित्रों को भी कई महीनों से मानदेय प्राप्त नहीं हो सका है। इन स्थितियों में शिक्षामित्रों ने दीवाली नहीं मनाने की घोषणा की थी।
शिक्षा मित्रों के नेता नंदराम यादव, भगवत बैस व राघवेंद्र सिंह यादव का कहना है कि शिक्षामित्रों ने उनके साथ हुए अन्याय के कारण दीवाली नहीं मनाई है। अफसर समायोजित शिक्षामित्रों के एरियर पर अघोषित रोक लगाए गए हैं, जिससे शिक्षामित्रों में असंतोष पनप रहा है। इसे ध्यान में रखकर शिक्षामित्रों ने लेखा कार्यालय के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कंपनी बाग में शिक्षा मित्रों की बैठक भी बुलाई गई है।
अन्य कर्मियों की भी फीकी रही दीवाली
बेसिक शिक्षा विभाग के तमाम कर्मियों को समय से मानदेय नहीं दिया जा सका है, जिससे कर्मियों की इस बार दीवाली फीकी रही।