ललितपुर (ब्यूरो)। खंड शिक्षा अधिकारियों के स्थानांतरण की गुत्थी सुलझ नहीं रही है। इस मामले में अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से सवाल-जवाब किया है।
जिले के पांच खंड शिक्षा अधिकारियों का स्थानांतरण बीते माहों में दूसरे जिलों में कर दिया गया। इसमें खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह राजपूत, संतोष वर्मा, आर के पुरोहित, राजेश त्रिपाठी व एनएल शर्मा शामिल थे। खंड शिक्षा अधिकारियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण से विभागीय अफसरों के अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
तत्कालीन बीएसए विनोद कुमार मिश्रा ने मामले से तत्कालीन जिलाधिकारी का अवगत कराया। जिस पर उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पत्र लिख दिया था। इसमें कहा गया था कि स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारियों के प्रतिस्थानी नहीं भेजे गए हैं।
यदि खंड शिक्षा अधिकारियों को रिलीव किया जाता है तो जिले की परिषदीय शिक्षा प्रभावित होगी। इस पत्र के बाद स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारियों को रिलीव नहीं किया गया।
केवल खंड शिक्षा अधिकारी राजेश त्रिपाठी को उनकी परिस्थितियों के आधार पर रिलीव कर दिया गया। महीनों बीतने के बाद भी अब तक खंड शिक्षा अधिकारियों को कार्यमुक्त नहीं किए जाने पर अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) इलाहाबाद ने बीएसए व स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारियों से सवाल-जवाब किए हैं। इससे कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।
बएसए को स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारियों के रिलीव होने की चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि यदि प्रतिस्थानी के अभाव में स्थानांतरित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यमुक्त हो जाते हैं तो जिले में बेसिक शिक्षा का काम बुरी तरह प्रभावित हो जाएगा। अब वह अपर निदेशक के पत्र का जवाब तैयार करा रहे हैं, जिससे समस्या का स्थाई समाधान हो जाए।
तबादला बना मजाक
तत्कालीन जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर के अनुमोदन पर तत्कालीन बीएसए चंद्रचूड़ दुबे ने लंबे समय से जमे खंड शिक्षा अधिकारियों को जनपद के अंदर स्थानांतरित कर दिया था। लेकिन, उसका पालन आज तक नहीं हो सका। केवल दो खंड शिक्षा अधिकारी ही इधर से उधर हुए हैं, शेष खंड शिक्षा अधिकारी पूर्व के कार्यस्थलों पर डटे हुए हैं। इस मामले में भी बीएसए कुछ कह पाने की स्थिति में नहीं हैं। इस तरह खंड शिक्षा अधिकारियों का तबादला मजाक सा बन गया है।