झांसी। प्रदेश सरकार से पुलिस भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके 11135 अभ्यर्थियों को राहत मिल गई है। अब इनकी पुन: प्रवेश प्रक्रिया एक जून से होगी, जिसमें मेडिकल परीक्षण व दस्तावेजों की जांच जिला स्तर पर होगी। आपत्ति दर्ज कराने वाले अभ्यर्थी रेंज स्तर पर गठित बोर्ड के सामने उपस्थित हो सकेंगे। झांसी रेंज से 819 अभ्यर्थियों को दोबारा मौका मिला है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2013 में 41600 सिपाहियों की भर्ती के लिए रिक्तियां निकाली थीं। आवेदन करने वालों की पहले चरण में लिखित प्रवेश परीक्षा हुई। सफल अभ्यर्थियों को दौड़ के लिए बुलाया गया था। दोनों मुकाबलों में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का दो माह पूर्व मेडिकल परीक्षण व दस्तावेजों की जांच प्रत्येक जिले की पुलिस लाइन में हुई थी। इस बीच पुलिस भर्ती बोर्ड ने आदेश जारी करके निर्धारित तिथियों के बीच बने ओबीसी (पिछला वर्ग) प्रमाण पत्र को ही मान्यता देने के आदेश जारी कर दिए थे। जिसके लागू होने पर तमाम अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से बाहर का रास्ता देखना पड़ा। इस दौरान कई अभ्यर्थियों ने मेडिकल परीक्षण में फेल होने पर मेडिकल बोर्ड पर प्रश्न चिह्न लगाए। अनेक अभ्यर्थियों ने पुलिस भर्ती प्रक्रिया को लेकर कोर्ट की शरण ली, जहां से राहत देने संबंधी निर्देश शासन को जारी हुए।
कोर्ट के आदेश पर शासन के हस्तक्षेप पर भर्ती बोर्ड ने 11135 अभ्यर्थियों को राहत दी है। इन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच एक जून से जिला स्तर पर गठित बोर्ड व मेडिकल टीम करेगी। यदि किसी को आपत्ति होती है, तो वह डीआईजी रेंज के कैंप कार्यालय पर गठित बोर्ड के सामने दस्तावेजों की जांच व मेडिकल चेकअप करा सकता है।
डीआईजी अजय मोहन शर्मा ने बताया कि झांसी रेंज के 819 अभ्यर्थियों को दोबारा प्रवेश प्रक्रिया से गुजरने का मौका शासन स्तर से मिला है। इनमें झांसी से 324, ललितपुर से 317 व जालौन से 178 अभ्यर्थी शामिल हैं। जिला स्तर पर बोर्ड गठित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। रेंज स्तर पर बोर्ड गठित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। तीनों जिलों में मेडिकल चेकअप व दस्तावेजों की जांच पुलिस लाइन में की जाएगी।