राजकीय जिला पुस्तकालय के दिन बहुरने वाले हैं। आने वाले दिनों में जिला
पुस्तकालय ई- लाइब्रेरी के रूप में विकसित होगा। इस सुविधा से पाठकगण अपनी
पसंद की पुस्तकों का इंटरनेट पर अध्ययन कर सकेंगे।
राजकीय जिला
पुस्तकालय जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में स्थित है। इसमें करीब
26 हजार पुस्तकें उपलब्ध हैं। इन पुस्तकों को पढ़ने के लिए करीब 590
सदस्यों ने पुस्तकालय की सदस्यता ले रखी है। वर्तमान में पुस्तकालयाध्यक्ष
का अभाव है, जिससे पुस्तकों का उचित रखरखाव नहीं हो पा रहा है। शासन ने
पुस्तकालय की सुध लेते हुए इसे ई- लाइब्रेरी के रूप में विकसित करने का
निर्णय लिया है, जिसे अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई भी प्रारंभ हो गई है।
जिला
पुस्तकालय में को-आर्डीनेटर, कंप्यूटर आपरेटर व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की
तैनाती कर दी गई है। अब इसकी गाइड लाइन जारी होने का इंतजार किया जा रहा
है। इसके पश्चात जिला पुस्तकालय ई- लाइब्रेरी के रूप में विकसित हो जाएगा,
जिसका लाभ सीधा पाठकों को मिलेगा। पाठकगण अपनी मनपसंद की पुस्तकें इंटरनेट
पर पढ़ सकेंगे। यही नहीं, पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का ब्योरा भी
इंटरनेट पर लोड कर दिया जाएगा, जिससे पाठकों को मनपसंद लेखकों की किताबें
प्राप्त करने में आसानी हो जाएगी।
-इनका कहना है -
ई-लाइब्रेरी
के संबंध में को-आर्डिनेटर व कंप्यूटर आपरेटर को लखनऊ बुलाया गया है। इनसे
आगे के दिशा निर्देश प्राप्त होने की संभावना है।
- अमित शुक्ला, प्रभारी पुस्तकालयाध्यक्ष ललितपुर।
प्रतियोगी पुस्तकों की है मांग
राजकीय
जिला पुस्तकालय में प्रतियोगी पुस्तकों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
वर्तमान में नवीनतम पुस्तकों की कमी देखी जा रही है, जिससे प्रतियोगी
परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र- छात्राआें को मायूसी हाथ लग रही है।