पुलिस के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन देने पर समाप्त किया धरना
ललितपुर। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष का दिव्यांग पुत्र और बहू बुधवार की सुबह घंटा घर पर धरना पर बैठ गए और अपने पिता और सौतेली मां पर पैतृक संपत्ति से वंचित रखने के आरोप लगाए। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद दोनों पति-पत्नी ने धरना समाप्त किया।
शहर के मोहल्ला पिसनारी निवासी दिव्यांग रामकुंवर बुधवार की सुबह अपने दिव्यांग पति सुरेश कुशवाहा के साथ स्थानीय घंटाघर पर पहुंची और धरना पर बैठ गई। रामकुंवर ने पुलिस अधीक्षक के नाम एक प्रार्थना पत्र दिया। इसमें बताया कि वह मेहनत मजदूरी करके अपने बच्चों का भरण पोषण करते हैं। उसके ससुर एक प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति है और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष व नगर पालिका के सभासद रह चुके हैं। सौतेली सास उसके पति को प्रताड़ित कर रहे हैं। उसे व उसके पति व बच्चों को उनके पैतृक संपत्ति में अधिकार से वंचित कर रहे हैं। इसमें उनकी सौतेली सास का पुत्र जोकि वर्तमान में नगर पालिका का सभासद है भी शामिल है।
आरोप लगाया कि वह लोग धमकी देते हुए घर और संपत्ति छोड़ने का लगातार दबाव बना रहे हैं। महिला ने यह भी बताया कि उसका ससुर व उनका पुत्र राजनीतिक प्रभाव वाले व्यक्ति हैं और अपने प्रभाव का प्रयोग करके उन्हें डरा धमका रहे है। इस कारण से उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। महिला ने पैतृक संपत्ति में अधिकार दिलाए जाने की मांग की। दिव्यांग पति-पत्नी के धरना करने की जानकारी होने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पति पत्नी को कार्रवाई का भरोसा देकर समझाया। जिसके बाद दोनों पति-पत्नी धरना समाप्त कर चले गए।