लंलितपुर। लंबे समय से वाटर वर्क्स स्थित शोधित प्लांटों को साफ नहीं किया गया है। इस कारण इनके नीचे काई (गंदगी) की मोटी परत जम गई है। यह पानी पहले टंकी और फिर उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। इस गंदे पानी से नगर के लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। हालांकि, हायर जोन के अवर अभियंता डीपी राय की मानें तो रविवार को बिजली नहीं आने के कारण कुछ पानी ऑपरेटरों की लापरवाही से सीडब्ल्यूआर में भर गया था। इस कारण नगर में गंदा पानी आया। सिद्धि सागर अकादमी, लेड़ियापुरा सहित अन्य स्थानों पर मुख्य पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हैं। जलापूर्ति के समय उक्त पाइप लाइनें पेयजल बर्बाद करती हैं तथा बांध से गंदगी मुख्य पाइप लाइनों के अंदर समा जाती है। इस स्थिति में लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच जाता है। विभाग ने लीकेज दूर करने का काम नहीं किया है। इसका खामियाजा नगर के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं, सिद्धि सागर अकादमी के पास से निकली पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण वहां से निकल रहा पानी गर्मी के कारण खौल रहा है, लेकिन विभाग का ध्यान इस ओर नहीं है।
हैंडपंपों पर लगी कतारें
ललितपुर। पाइप लाइनों में गंदा पानी आने से नगर की महिलाएं साफ पानी के लिए हैंडपंप की ओर जाने को मजबूर हैं। इससे मुहल्ला नेहरू नगर, तालाबपुरा सहित अन्य मुहल्लों में हैंडपंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रहीं हैं। महिलाएं 30-30 मिनट तक इंतजार करके पानी भरती नजर आईं।
इनका कहना है
सिविल लाइन इलाके में मुख्य पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से कई जगह गंदा पानी आ रहा है। इस लाइन की जानकारी होते ही सुधारने का काम शुरू कर दिया है। अब नगर के लोगों को परेशानी नहीं होगी।
आर एस चौधरी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान।