ललितपुर। सोमवार को नगर के अधिकांश इलाकों में नलों से बदबूदार गंदा पानी आया। भीषण गर्मी में एक तो वैसे ही पेयजल की किल्लत चल रही है, ऊपर से गंदे पानी की आपूर्ति होने से लोगों में हाहाकार मच गया। जिम्मेदारों ने चैंबर साफ कर उसी गंदगी को सीडब्ल्यूआर व टंकी होते हुए पाइप लाइनों में भेज दिया। हालांकि, जिम्मेदार अफसर अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए आपरेटरों को दोषी ठहरा रहे हैं।
सवा दो लाख की आबादी वाले नगर में करीब 28 हजार के आसपास मकान बने हुए हैं। इस आबादी के सापेक्ष जल संस्थान दस हजार भवन स्वामियों को पाइप लाइनों के माध्यम से पेयजलापूर्ति करता है। गोविंद सागर बांध से आने वाले कच्चे पानी को डोंड़ाघाट में तीन तथा नझाई बाजार में बने एक शोधित प्लांट में साफ करने के बाद विभिन्न स्थानों पर मौजूद छह टंकियों को भरा जाता है। 30 व 40 हार्स पॉवर की मोटरों से पानी टंकी में चढ़ाने के बाद पाइप लाइनों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पेयजल पहुंचाया जाता है।
सोमवार को वर्णी कालेज क्षेत्र में नलों से गंदा पानी आया। लोगों ने एक दूसरे से पता किया तो जानकारी मिली कि सबके घरों में गंदा पानी आ रहा है। गंदगी इतनी कि जैसे मिट्टी आ रही हो। लोगों ने इस पानी को एकत्रित किया और कुछ देर रखने के बाद देखा तो आधे गिलास में मिट्टी जमा हो गई।
विभागीय कर्मचारियों की मानें तो रविवार को शोधित प्लांटों के चैंबर साफ किए गए। इसमें बड़ी मात्रा में गंदगी निकली। लेकिन, निकासी मार्ग लंबे समय से अवरुद्ध होने के कारण इस गंदगी को बांध से आने वाले कच्चे पानी के रास्ते छोड़ दिया गया। यह पानी बिना साफ हुएसीडब्ल्यूआर में पहुंच गया तथा गंदा पानी मोटरों के माध्यम से टंकियों में चढ़ा दिया गया। जब सोमवार को घरों में पानी पहुंचा तो पानी साफ के बजाय गंदा और बदबूदार निकला।
गंदगी से परेशान नगरवासियों ने संबंधितअफसरों को फोन लगाए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। क्षेत्रवासियों की मानें तो लोअर जोन में 10 से 20 मिनट तथा अपर जोन के सिविल लाइन, अग्रसेन स्कूल, एसबीआई बैंक, भारत गैस एजेंसी के पीछे, टोरिया मुहल्ला, रिसाला मंदिर के आसपास और नेहरू नगर में करीब एक घंटे तक गंदे पानी की आपूर्ति बराबर आती रही। गर्मियों में साफ पानी आने के इंतजार में लोग परेशान रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।