ललितपुर। तकनीकी टीम की जांच रिपोर्ट के बाद मिले जर्जर विद्यालयों के ध्वस्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। इसकी कवायद में विभाग जुट गया है। टीम ने विभिन्न ब्लॉकों में 141 विद्यालयों की स्थलीय जांच के बाद इन्हें जर्जर बताकर रिपोर्ट विभाग को सौंपी थी।
जिले में 1357 परिषदीय और कंपोजिट विद्यालय हैं, इनमें करीब डेढ़ लाख छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन विद्यालयों में से कई की इमारतें काफी पुरानी होकर जर्जर स्थिति में पहुंच गई थीं। आलम यह था कि इन विद्यालयों की इमारतों के कक्षाओं में बारिश के दिनों में पानी टपकता था और दीवारों में सीलन आ जाती थी। हालांकि, शिक्षकों ने इन जर्जर कक्षा-कक्षों में कक्षाएं संचालित करना बंद कर दिया था। कुछ माह पूर्व शासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों से जर्जर विद्यालयों की सूची मांगी थी। विभिन्न ब्लॉक अंतर्गत विद्यालयों के शिक्षकों ने 218 विद्यालयों को जर्जर बताते हुए सूची प्रेषित की थी। इसके बाद विभाग ने सूची में शामिल इन विद्यालयों का तकनीकी मूल्यांकन कराया।
इस टीम में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग, सहायक अभियंता आरईडी शामिल थे। टीम ने इन विद्यालयों की स्थलीय जांच की। 141 विद्यालय जर्जर पाए गए, जिसमें कुछ विद्यालयों में कक्षाएं जर्जर मिलीं तो कुछ की इमारत। तकनीकी टीम की जांच रिपोर्ट आने के बाद अब इन विद्यालयों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने में बेसिक शिक्षा विभाग जुट गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह ने बताया कि तकनीकी टीम की जर्जर विद्यालयों की जांच रिपोर्ट मिल गई है। जल्द ही इनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया की जाएगी। कार्ययोजना को स्वीकृति मिलने के बाद यहां पर नई इमारत बनाने का काम शुरू किया जाएगा।