ललितपुर। शुक्रवार को प्रशासन, आबकारी व पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान कच्ची शराब के गढ़ पर छापामारी की गई। इस दौरान ग्राम चीरा में 860 लीटर तैयार कच्ची शराब व दो लाख किलोग्राम लहन नष्ट किया गया।
कोतवाली क्षेत्र के चीरा गांव में कबूतरा जाति की बस्ती है, जहां बड़े पैमाने पर कच्ची शराब बनाने का काम होता है। शुक्रवार को प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई की। आबकारी टीम अपने साथ जेसीबी व भारी तादाद में पुलिस बल को लेकर चीरा गांव पहुंची। आबकारी टीम को देखते ही गांव में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद सभी पुरुष गायब हो गए।
टीम का सामना करने के लिए मौके पर केवल महिलाएं ही मिलीं। इस दौरान टीम को जमीन में सीमेंट की टंकियां मिलीं। इन टंकियों में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब तैयार करने के लिए लहन रखा था। जेसीबी की मदद से सीमेंट की टंकियों को नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा दो सौ लीटर की प्लास्टिक टंकियों में रखे लहन को भी नष्ट किया गया। कुल मिलाकर करीब 860 लीटर तैयार कच्ची शराब व दो लाख किलोग्राम लहन नष्ट किया गया।
आबकारी विभाग की मानें तो करीब दस लाख रुपये के मूल्य के माल को नष्ट किया गया। कार्रवाई में उपजिलाधिकारी सदर रमेश चंद्र, सीओ सदर ओंकार सिंह यादव, आबकारी अधिकारी मनोज कुमार, आबकारी निरीक्षक पी के गिरि, आबकारी निरीक्षक अभियोजन मुकेश प्रताप सिंह, महिला थानाध्यक्ष रचना राजपूत आदि मौजूद रहे।
डेढ़ साल बाद हुई कार्रवाई
कोतवाली क्षेत्र का चीरा गांव शुरू से ही जिले में कच्ची शराब के गढ़ के तौर पर पहचाना जाता है। शुक्रवार को हुई कार्रवाई में तैयार मिली कच्ची शराब व लहन की मात्रा को देखकर फिर जाहिर हो गया कि जिले में खुलेआम जनपद मुख्यालय से मात्र आठ किलोमीटर दूर ही कच्ची शराब की मंडी संचालित हो रही है। शुक्रवार की कार्रवाई के पहले यहां पर कार्रवाई लोकसभा चुनाव के चंद दिनों पहले हुई थी। तब भी वहां पर लाखों रुपए की कच्ची शराब व लहन को नष्ट किया गया था।
महिलाएं ही बनतीं हैं आरोपी
कच्ची शराब का धंधा कर रहे कबूतरा जाति के लोग हर कार्रवाई के दौरान अपने परिवार की महिलाओं को आगे कर देते हैं। शुक्रवार को भी चीरा गांव में कबूतरा बस्ती पुरुष विहीन नजर आयी। कबूतरा जाति के पुरुष जनपद में विभिन्न स्थानों पर शराब बिकवाने का काम महिलाओं व बच्चों से करा रहे हैं।
इस कारण से हर मुकदमे में केवल महिलाओं का नाम ही आता है और पुरुष आराम से बच जाते हैं। शुक्रवार की कार्रवाई में आठ महिलाओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा मोनिका, सुनीता, क्रांति, जगरानी, गुलाब रानी, रचना, रामकली और पिंकी के खिलाफ अवैध शराब अधिनियम का मुकदमा दर्ज किया गया है।