ललितपुर। ग्राम पड़ौरिया के उचित दर विक्रेता को कालाबाजारी करना महंगा पड़ गया है। डीएम के आदेश पर पूर्ति निरीक्षक ने उचित दर विक्रेता का अनुबंध पत्र निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पूर्ति निरीक्षक चंद्रशेखर सहाय ने ग्राम पड़ौरिया की उचित दर की दुकान का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया कि दुकान पर अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी कार्डों की सूची, रेटवोर्ड/स्टाक बोर्ड प्रदर्शित नहीं किया गया है। जांच के दौरान स्टाक और वितरण अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। अंत्योदय राशन कार्डों पर 35 किग्रा खाद्यान्न के स्थान पर 01 किग्रा अथवा 02 किग्रा खाद्यान्न कम दिया जा रहा है। इसी तरह पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट निर्धारित मात्रा 03 किग्रा गेहूं व 02 किग्रा चावल के स्थान पर अपनी मनमर्जी से कम खाद्यान्न दिए जाने की शिकायत है। अन्त्योदय कार्डधारको को शासन के निर्देशानुसार माह अप्रैल, मई और जून 2020 में नि:शुल्क खाद्यान्न का वितरण नहीं कर 100 रुपये में दिया जा रहा है। माह मई 2020 में उठान किये गये 5.67 क्विंटल एवं माह जून 2020 में उठान किये गये 5.67 क्विंटल कुल 11.34 क्विंटल चना का वितरण नहीं किया गया। कार्डधारकों के बयानों से स्पष्ट है कि पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट निर्धारित मूल्य 12.00 रुपये के स्थान पर अधिक मूल्य लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान लिये गये बयानों के अनुसार चना का वितरण एक माह का किया गया जबकि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत अप्रैल, मई एवं जून 2020 में वितरण हेतु नि:शुल्क चना का उठान किया गया है। इस प्रकार माह मई 2020 में उठान किये गये 5.67 क्विंटल एवं माह जून 2020 में उठान किये गये 5.67 क्विंटल कुल 11.34 क्विंटल चना का वितरण न कर कालाबाजारी कर दुरुपयोग किया गया है।
इस पर मलखान सिंह उचित दर विक्रेता ग्राम पडौरिया का उक्त कृत्य उप्र आवश्यक वस्तु विक्रय एवं वितरण नियंत्रण के विनियमन (आदेश 2016 यथा संशोधित) में निहित प्रावधानों एवं निष्पादित अनुबन्ध पत्र की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में पूर्ति निरीक्षक ने मलखानसिंह उचित दर विक्रेता ग्राम पडौरिया के विरुद्ध संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है।