अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम/विशेष न्यायाधीश गिरोह बंद अधिनियम) मनोज कुमार शुक्ला की अदालत ने सात सटोरियों को गैंगस्टर एक्ट में दोषी पाते हुए दस-दस वर्ष का कठोर कारावास और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दो-दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि 12 वर्ष पूर्व एसएचओ आरबी साहू ने थाना कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि वह 28 जुलाई वर्ष 2006 को हमराहियों के साथ शनिचरा चौराहे पर गश्त दे रहे थे, कि तभी एसआई डीआर सिंह व एक कांस्टेबिल अशोक कुमार मिला, जिन्हें साथ ले लिया। मुखबिर से सूचना मिली कि राकेश कुमार जैन आदि सरांय मुहल्ला के कमरे में सट्टा खिला रहे हैं। जिस पर वह पुलिस दल के साथ राकेश जैन के कमरे के पास पहुंचे और जाकर देखा कि वह कमरे में बैठा है और पर्ची सट्टा पर नंबर लिख रहा है। पास में ही छह आदमी और बैठे है जो वहां बैठकर सट्टा की पर्ची काट रहे हैं। इस पर पुलिस ने एक साथ दबिश देकर रंगे हाथों, राकेश कुमार जैन के कमरे में राकेश व अन्य छह लोगों को पकड़ने की कोशिश की, तो सातों ने पुलिस से धक्का मुक्की करके चार व्यक्ति सट्टा खिलाने के उपकरण लेकर भाग गए।
तीन व्यक्ति गिरफ्तार किए गए और उनसे नाम पता पूछा, जिस पर उसने अपना नाम तालाबपुरा निवासी राकेश कुमार जैन बताया। तलाशी में उसके पास से डाट पेन, पर्ची सट्टा, जिस पर खाई बारी के नंबर अंकित हैं, पेंट की जेब से पांच रुपए के 69 सिक्का, दो रुपए के 40 सिक्का व एक रुपए के 49 सिक्के कुल 472 रुपया व दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम मवेशी बाजार निवासी जाहिद बताया। इसके पास से एक रुपए के चार सिक्के, दो रुपए के चार सिक्के, पांच रुपए के आठ सिक्के, डॉट पेन व पर्ची सट्टा और तीसरे व्यक्ति ने अपना नाम ग्राम बार के बस्तगुंवा निवासी अमृत बताया। उसके पास से भी रुपए रुपए का एक नोट, दस रुपए के तीन नोट व एक डॉट पेन व पर्ची काटने के कागजात बरामद हुआ, जिन्हें सील किया। इसके अलावा जो लोग सट्टा खिला रहे थे या फिर खिलौने के उपकरण लेकर या खेलने वाले भी भाग गए उनको वह पुलिस वाले जानते पहचानते हैं और उनके नाम मुहल्ला छत्रसालपुरा निवासी दिलीप कुमार जैन, कटरा बाजार निवासी डोली साहू, छत्रसालपुरा निवासी सुनील कुमार जैन व रेलवे कालोनी निवासी गिरजेश तिवारी हैं।
अभियुक्त राकेश कुमार जैन एक आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और सट्टा कटाने का एक गैंग लीडर है। यह अलग-अलग सदस्य बनाकर सट्टा कटाता है। उक्त सातों व्यक्ति सक्रिय सदस्य हैं। यह गैंग व सदस्य अपने आर्थिक व भौतिक लाभ के सिलए संपित्त अर्जित कर समाज विरोधी आपराधिक कृत्य करने में लिप्त हैं। पुलिस ने राकेश कुमार जैन व अन्य सदस्यों के खिलाफ जुआ अधिनियम व गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। तब से गैंगस्टर का यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्षक की दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर निर्णय सुनाते हुए सातों सटोरियों राकेश कुमार जैन, दिलीप कुमार, जाहिद, अमृत, डोली, सुनील कुमार जैन व गिरजेश कुमार तिवारी को कुल दस-दस वर्ष का कठोर कारावास और पचास-पचास हजार रुपए का अर्थदंड की सजा सुनाई है।