ललितपुर। रक्षाबंधन के दिन हजरत निजामुद्दीन से चलकर विशाखापट्टनम जाने वाली ट्रेन दक्षिण एक्सप्रेस में एक नवजात बालिका ट्रेन के जनरल कोच में लावारिस हालत में मिली। यात्रियों द्वारा सूचना मिलने पर ललितपुर जीआरपी ने नवजात को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची की उम्र मात्र एक सप्ताह बताई जा रही है।
सोमवार को हजरत निजामुद्दीन से चलकर विशाखापट्टनम जाने वाली 12722 दक्षिण एक्सप्रेस के जनरल कोच में झांसी रेलवे स्टेशन पर एक मां अपने लगभग सात दिन की नवजात बालिका को सीट पर बगैर कोई चिंता किए रोता हुआ छोड़कर चली गई। जब कोच में बैठी सवारियों की नजर बच्ची पर गई तो उन्होंने आसपास मौजूद लोगों से बच्ची के माता-पिता के बारे में पूंछा, लेकिन वह नहीं मिले। इसके बाद बच्ची रोती-बिलखती रही है। जब ट्रेन ललितपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो सूचना मिलने पर स्टेशन अधीक्षक एससी जैन व जीआरपी इंस्पेक्टर महेश दुबे ने नवजात बच्ची को अपने कब्जे में ले लिया। जीआरपी कर्मी बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। अब बालिका की हालत पूरी तरह से ठीक है। वहीं, अस्पताल में पहुंचे जिला प्रोवेशन अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बालिका को अपने सुरक्षा में ले लिया है।
अभी भी जिंदा है मां की ममता
जहां इस घटना से एक कलयुगी मां ने मां की ममता को शर्मशार किया है वहीं अस्पताल में एक अन्य मां ने इसका सबूत दिया है कि अभी भी मां की ममता जिंदा है। हुआ ऐसा कि जब जीआरपी कर्मी नवजात बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो वहां मौजूद एक अन्य मां ने बच्ची को रोता हुआ देखा तो वह खुद को रोक नहीं सकी और उक्त नवजात बच्ची को दूध पिलाया। इसके अलावा जब बच्ची को ट्रेन से उतारकर कब्जे में लिया गया और जब यह सूचना स्टेशन पर मौजूद अन्य लोगों को हुई तो कई लोग बच्ची को गोद लेने के लिए आगे आए। इसी बीत दतिया निवासी मुकेश तो स्थानीय रेलवे अस्पताल में कर्मचारी है, उसने बच्ची को गोद लेने की बात कही है। उसने बताया कि उसकी कोई संतान भी नहीं है। अब यह तो प्रशासन ही तय करेगा कि बालिका को किसे सौंपना है।