बलात्कारी को दस वर्ष की सजा, 20 हजार का अर्थदंड
चार वर्ष पुराने मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का निर्णय
चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर किया था दुष्कर्म
अमर उजाला ब्यूूरो
ललितपुर।
अश्लील वीडियो की क्लिपिंग बनाकर और पति को जान से मारने की धमकी देकर मड़ावरा क्षेत्र में चार वर्ष पूर्व एक स्कूल की प्रधानाचार्या से बलात्कार व रंगदारी मांगने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम जगदीश कुमार की अदालत ने जिला लखीमपुर निवासी एक युवक दोष सिद्ध पाते हुए दस वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यही नहीं बी20 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया, अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि थाना महरौनी अंतर्गत एक मुहल्ला की महिला ने चार वर्ष पूर्व पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह मड़ावरा में एक स्कूल में प्रधानाचार्या है। घटना के दो वर्ष पूर्व मोबाइल द्वारा जिला लखीमपुर के मिदनिया गढ़ी निवासी आशीष मिश्रा से परिचय हुआ था। मेल जोल का फायदा उठाकर आशीष ने उसके मोबाइल से उसकी अश्लील क्लिपिंग बना ली। करीब तीन माह से आशीष उसे मोबाइल से धमका रहा है। जिस पर उसने उक्त युवक को दो तीन बार रुपए भी दिए। करीब 15 दिन पहले से युवक उसे धमकी दे रहा है कि उसे 20 हजार रुपए दो नहीं तो वह उसके पति की हत्या करवा देगा और उसका बनाया हुआ अश्लील क्लिपिंग नेट पर डाल देगा। जिस पर परेशान होकर उसने 13 जुलाई 2014 को घर आकर बीस हजार रुपए देने को कहा और सारी बात अपने पति को बता दी। जिस पर उस दिन आशीष अपने साथ अनुुुुभव तिवारी जो आशीष के गांव का ही है उसे लेकर घर के पास आया और मोबाइल से बताया कि 20 हजार रुपए लेकर बाहर आओ, तब उक्त दोनों को घर के पास अपने पति और देवर व अन्य लोगों की मदद से दोपहर करीब 12 बजे दिन में मारपीट कर पकड़ लिया। जिन्हें थाने पहुंचा। आशीष की बातचीत की व धमकाने की ऑडियो की सीडी भी पुलिस को दी थी। जिस पर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ धमकाकर रुपए मांगने, जान से मारने की धमकी देने और सामूहिक बलात्कार की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे। वहीं इस मामले में पीड़िता द्वारा न्यायालय में दिए बयानों में चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक बलात्कार की बात सामने आई थी। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बुधवार को अपर जिला और सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम की अदालत ने अभियुक्त आशीष मिश्रा पर शिक्षिका के साथ बलात्कार, धमकी देने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दोष सिद्ध पाया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को न्यायालय ने अभियुक्त आशीष मिश्रा की सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर निर्णय सुनाते हुए अभियुक्त आशीष को बलात्कार व पति को जान से मारने की धमकी देकर रंगदारी मांगने के मामले दस-दस वर्ष के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। वहीं, दूसरे अभियुक्त अभिनव तिवारी को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया।