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दलित उत्पीड़न एवं मारपीट में एक को चार वर्ष की सजा

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दलित उत्पीड़न और मारपीट में चार साल की सजा
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ललितपुर। जिला और सत्र न्यायाधीश एमएएच इदरीशी ने सात वर्ष पुराने मारपीट और दलित उत्पीड़न के मामले में थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम नौहरकलां निवासी एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए चार वर्ष का सश्रम कारावास और 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम नौहरखुर्द निवासी नारायण पुत्र कमल कोरी ने सात वर्ष पूर्व पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उसकी पत्नी ग्राम प्रधान हैं। ग्राम नौहरकलां निवासी दुर्ग सिंह ने पत्नी से नियम विपरीत काम कराए जाने को कहा। पत्नी ने मना कर दिया, जिससे दुर्ग सिंह उसकी पत्नी और उससे रंजिश रखने लगा। 22 जून वर्ष 2012 को वह जखौरा आया हुआ था। शाम करीब चार बजे वह बस स्टैंड जखौरा से बिलगैंया के घर के पास से होकर जा रहा था कि तभी पीछे से दुर्ग सिंह व उसके दो अज्ञात साथियों ने उसे रोककर गालीगलौज की।
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उक्त सभी लोगों ने उसके साथ लाठियों से मारपीट शुरू कर दी। चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने बीचबचाव किया। मारपीट से उसके दाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया। साथ ही अन्य चोटें भी आई थीं। उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने अभियुक्त दुर्ग सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए, तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायाधीश ने अभियुक्त दुर्ग सिंह को गालीगलौज कर मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने और दलित उत्पीड़न के मामले में दोषी पाते हुए चार वर्ष के कारावास एवं 13 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
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