घी कारोबारी की हत्या के दो आरोपी पकडे़
ललितपुर। शहर कोतवाली अंतर्गत 26 अप्रैल की सुबह कैलगुवां तिराहे पर शराब के विवाद में घी कारोबारी शिवराज की हत्या हो गई थी। मामले में रविवार को पुलिस ने पुलिस ने दो आरोपी मोहल्ला चौबयाना निवासी अफरोज पुत्र नवी बख्स व नदीपुरा निवासी राजकुमार पुत्र गोकुल अहिरवार को कैलगुवां तिराहे से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। खुलासा करने वाली टीम को पुलिस अधीक्षक डॉ. ओपी सिंह ने पांच हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसपी ने बताया कि 26 अप्रैल की सुबह गिरार थानाक्षेत्र के रमगढ़ा गांव निवासी घी कारोबारी शिवराज कैलगुंवा तिराहे के पास स्थित कच्ची शराब के अड्डे पर शराब लेने गए थे। तभी वहां पर मौजूद मोहल्ला चौबयाना निवासी अफरोज पुत्र नवी बख्स व नदीपुरा निवासी राजकुमार उर्फ राजा पुत्र गोकुल अहिरवार ने शराब की पन्नी छीनने को लेकर विवाद हो गया। इस बीच अफरोज ने नुकीले छोटे चाकू से शिवराज की छाती व पेट पर हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने मृतक के चाचा माखन की तहरीर पर अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी। खुलासे में लगी पुलिस टीम को रविवार को सूचना मिली कि दोनो हत्यारोपी को कच्ची शराब के अड्डे के पास मौजूद हैं। पुलिस ने कैलगुवां तिराहे के पास से दोनो को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान हत्यारोपियों ने घटना को स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने हत्यारोपी अफरोज की निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त छोटा नुकीला चाकू ललितेश्वर देवी के मंदिर के पास स्थित नाले के पास से बरामद कर उसे जेल भेज दिया है।
बताते चले कि 25 अप्रैल को शिवराज पुत्र भागीरथ लोधी चाचा माखन व भतीजे राघवेंद्र के साथ ललितपुर घी बेचने आए थे। घी बेचते समय अधिक समय हो जाने के कारण तीनों रात गुजारने के लिए ललितपुर रेलवे स्टेशन ही रुक गए। 26 अप्रैल की सुबह तीनों लोग कैलगुंवा तिराहे पर जा पहुंचे जहां साधन न आता देख चाचा माखन व शिवराज पास में स्थित कच्ची शराब के अड्डे पर शराब लेने चले गए। वहां पहले से मौजूद दो अज्ञात शराबियों से शराब छीनने के विवाद में शिवराज की हत्या हो गई थी।
टीम में ये रहे शामिल
रविवार सुबह कैलगुंवा तिराहे के पास से हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी अवधेश कुमार सिंह चौहान, सदर चौकी इंचार्ज, सिपाही हसीन खांन, संजय यादव, हरदास वर्मा, हरिओम व थाना गिरार में तैनात संजय भदौरिया को सफलता मिल गई। पुलिस अधीक्षक ने अंधे हत्याकांड का पटाक्षेप करने वाली टीम को पांच हजार रूपये का इनाम देने की घोषणा की है।