जिला अस्पताल में मरीजों की कोविड जांच करते कर्मचारी
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ललितपुर। जिला अस्पताल में तैनात कर्मचारी अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच में भेदभाव हो रहा है। कई मरीजों की कोरोना जांच किए बिना ही निगेटिव रिपोर्ट लगा दी जा रही है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
जिला अस्पताल में मरीजों को ओपीडी में दिखाने से पहले कोरोना जांच अनिवार्य है। मरीजों को पर्चा बनवाकर पहले कोरोना जांच करानी होती है, इसके बाद रिपोर्ट ओके आने पर ओपीडी में चिकित्सकों द्वारा मरीजों का उपचार किया जाता है। वर्तमान में जिला अस्पताल में प्रतिदिन दो से तीन सौ मरीज उपचार कराने आ रहे हैं। इन सभी की कोरोना जांच पर्चा काउंटर पर हो रही है।
लेकिन, जिला अस्पताल में तैनात कर्मचारी नियमों की अनदेखी कर लापरवाही बरत रहे हैं। रसूखदार मरीजों की जांच तत्काल में हो रही है। इनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सैंपल के बाद हो रही है, जबकि सैंपल पहले लिया जा रहा है। दूसरी ओर, निर्धन मरीजों की कोरोना जांच के लिए रजिस्ट्रेशन कराने में ही अधिक समय बीत रहा है। इसके बाद सैंपल के लिए घंटों बैठकर इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं प्रभावशाली और चहेतों की जांच से पहले ही ओपीडी पर्चा पर कोरोना निगेटिव दर्ज किया जा रहा है और इनके सैंपल भी नहीं लिए जा रहे हैं।
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शासन गंभीर, जिम्मेदार बने बेपरवाह
शासन ने कोरोना संक्रमण को लेकर जांच कराने व बचाव के नियमों का पालन करने के निर्देश हैं। लेकिन, जिम्मेदार कोरोना जैसे संकट काल में भी गंभीर नहीं हैं। जब मरीजों की ही जांच सही तरीके से नहीं की जा रही है तो अन्य लोगों की जांच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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कोविड जांच सेंटर पर बगैर सैंपल के रिपोर्ट देने का मामला संज्ञान में आया है, जिसकी जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- डा. अमित चतुर्वेदी
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल पुरुष