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Lalitpur News: क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से दूषित पानी... ललितपुर में भी इंदौर जैसी लापरवाही

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सड़क से लेकर नाली किनारे व दलदल में लीकेज हो रहा पानी
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लाइन बंद होने के बाद पाइपलाइन में जा रही गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। शहर में जल संस्थान की पाइपलाइन से लोगों को दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। यहां पर सड़क से लेकर नाली किनारे व दलदल में जगह-जगह पाइपलाइन में लीकेज हैं। इससे गंदा पानी घरों तक जा रहा है।
नगर में लगभग 70 हजार की आबादी इस समस्या से जूझ रही है। इंदौर की घटना के बाद भी शासन ने पाइपलाइन की मरम्मत करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार सुध नहीं ले रहे हैं। ऐसे में बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
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फोटो- 03
शहर के मोहल्ला तालाबपुरा में शारदा माता मंदिर के पहले मुख्य मार्ग में बिछी पाइपलाइन में लीकेज है। इसके चलते, पानी नाली में गिर रहा है। लगातार पानी बहने से इसके आसपास अधिक गंदगी हो गई है। साथ ही मिट्टी भी पड़ी हुई है। जब पाइपलाइन से आपूर्ति बंद हो जाती है, तब गंदा पानी पाइप के अंदर चला जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि छह माह से पानी लीकेज हो रहा है।

शहर के मोहल्ला करीमनगर से आजादपुरा होकर वर्णी चौराहा मार्ग में पाइपलाइन से अधिक मात्रा में पानी लीकेज हो रहा है। लगातार पानी बहने से सीसी सड़क धंस गई है। सड़क पर अधिक मात्रा में पानी भरा हुआ है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।

करीमनगर से बांध मार्ग में पाइपलाइन में जगह-जगह लीकेज की समस्या है। इससे पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है। लीकेज से सड़कों पर हुए गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी डाल दी गई है। ऐसे में लाइन से सप्लाई बंद होने के बाद पानी पाइपलाइन में चला जाता है। ऐसे में स्वच्छ जल की जगह गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है।

लेड़ियापुरा में सार्वजनिक शौचालय के सामने पाइपलाइन से अधिक मात्रा में पानी लीकेज हो रहा है। इससे दलदल व कीचड़ फैल गया है। इसके साथ ही नाली का पानी जमा हो रहा है। ऐसे में गंदा पानी लीकेज के जरिये पाइप में जा रहा है, जो घरों में जा रहा है। इसके आगे, जगह-जगह मिट्टी और गंदगी फैली होने से पानी दूषित हो रहा है।
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जनपद में पानी की जांच के नहीं हैं इंतजाम
जनपद में पानी की जांच के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय-समय पर जल संस्थान के पानी की जांच के लिए नमूने लिए जाते हैं। इसकी जांच के लिए लखनऊ भेजना पड़ता है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में बीमारी फैलने की स्थिति में पानी के नमूने लिए जाते हैं। इन्हें भी जांच के लिए लखनऊ भेजा जाता है।


फैक्ट फाइल
शहर में परिवारों की संख्या - 40 हजार
आबादी - दो लाख
पेयजल आपूर्ति वाले घरों की संख्या - 14700
पेयजल आपूर्ति से लाभान्वित आबादी - 70 हजार


वर्जन
शहर में पाइपलाइन लीकेज की जानकारी हुई है। टीम भेजकर जल्द इसकी मरम्मत कराई जाएगी। - मुंशीलाल, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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