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कांग्रेस: हरीबाबू ने तोड़ा नाता, इंद्राणी ने बदला पाला

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ललितपुर। नगर निकाय चुनाव में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस में बगावत हो गई है। एक नेता ने पत्नी को टिकट न मिलने पर पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। तो दूसरे नेता की पत्नी को शनिवार रात को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया, लेकिन वे रविवार सुबह बसपा में शामिल हो गईं और अध्यक्ष पद की प्रत्याशी बना दी गईं। पार्टी में चुनाव के दौरान दो नेताओं के बागी होने से पदाधिकारी और कार्यकर्ता असमंजस में हैं। साथ ही चुनावी तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
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दरअसल, कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष हरिबाबू शर्मा ने अपनी पत्नी के लिए नगर पालिका अध्यक्ष का टिकट मांगा था। लेकिन पार्टी ने दूसरे प्रत्याशी को टिकट दे दिया। हरिबाबू शर्मा ने वर्ष 1993 में एनएसयूआई से राजनीति शुरू की थी। वर्ष 1998 में उन्हें मंडल अध्यक्ष बना दिया गया। उनकी सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने यूथ कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बना कर संगठन को सक्रिय किया। इसके बाद वर्ष 2006 में वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी का सदस्य बने। वर्ष 2016 में उन्हें शहर कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया और उन्होंने तीन साल तक कांग्रेस को संभाला। हरिबाबू शर्मा ने वर्ष 2018 में नगर पालिका चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए टिकट मांगी थी, लेकिन उन्हें तब भी दरकिनार कर दिया गया। हरिबाबू को उम्मीद थी कि इस बार पार्टी उनको टिकट जरूर देगी।
महिला सीट होने पर उन्होंने पत्नी अरुणा कुमारी का आवेदन पार्टी में कराया, लेकिन शनिवार रात को जारी सूची में उनकी पत्नी की टिकट फिर काट दिया गया। इससे वह खफा हो गए। रविवार को उन्होंने पार्टी से किनारा कर सपा का दामन थाम लिया। सपा ने देर शाम उनकी पत्नी को नगर पालिका क्षेत्र से अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिया।
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15 घंटे बाद भेजा इस्तीफा

वहीं दूसरी ओर से कांग्रेस की ओर से महरौनी नगर पंचायत अध्यक्ष पद की प्रत्याशी बनाई गईं इंद्राणी पाल ने 15 घंटे बाद ही बसपा का दामन थाम लिया। बसपा ने उनको महरौनी से प्रत्याशी बना दिया। कांग्रेस नेताओं का मानना था कि इंद्राणी पाल के पति नाथूराम पाल पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता रहे हैं। इसका लाभ पार्टी को मिलेगा। लेकिन टिकट घोषित होने के 15 घंटे बाद ही नाथूराम पाल ने सपत्नीक त्यागपत्र जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह राजपूत को भेज दिया।
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कांग्रेस का झंडा 35 साल तक लेकर चलने के बाद नगर पालिका में अध्यक्ष पद की टिकट नहीं दी गई। इससे पहले भी टिकट काट दी गई थी। पार्टी में लगातार उपेक्षा के कारण कांग्रेस को छोड़ना पड़ा। - हरिबाबू शर्मा, पूर्व नगर अध्यक्ष, कांग्रेस
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बोले जिलाध्यक्ष
हरिबाबू शर्मा की पत्नी अरुणा कुमारी ने अध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया था। उनका नाम पैनल में भेज दिया गया लेकिन प्रदेश से जारी सूची में उनका टिकट कट गया। - बलवंत सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष कांग्रेस


-कांग्रेस ने मेरे साथ छलावा किया था। अब मैं पुराने घर वापस आ गई हूं जब तक जिंदा रहूंगी, तब तक बसपा में रहूंगी। - इंद्राणी पत्नी नाथूराम पाल, बसपा प्रत्याशी, नगर पंचायत महरौनी

पार्टी ने इंद्राणी से बात करने के बाद टिकट दी थी। यदि उन्हें नहीं लड़ना था तो वह पहले बता देतीं। अब महरौनी में कांग्रेस से दूसरा प्रत्याशी नामांकन करेगा। - बलवंत सिंह राजपूत, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
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