ललितपुर। नहरों के पानी को टेल तक पहुंचाने के लिए सिंचाई विभाग ने सिल्ट सफाई का कार्य शुरू करा दिया है। नहर के कटों को भी बंद किया जा रहा है। जिससे किसानों को पर्याप्त मात्रा में खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिल सके।
एक अक्तूबर से रबी की फसलों के बुवाई का सीजन शुरू हो गया है। हालांकि दलहनी फसलों की बुवाई दो सप्ताह पहले से ही किसान कर रहे हैं। लेकिन नहर में पानी न आने से कई क्षेत्रों में खेतों की जुताई तक नहीं हो पाई है। इन क्षेत्रों में किसान पलेवा के लिए पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। नहरों में बारिश के मौसम में झाड़ियां व घास उग आई थी, कई स्थानों पर कटाव भी हो गया था।
जिले की नहरों को 11 नवंबर से खोले जाने का समय तय किया गया है। ऐसे में नहरों की सफाई के लिए एक सप्ताह का समय ही बचा है। अब तक विभाग ने सफाई का कार्य शुरू नहीं किया था, लेकिन अब तेजी से सफाई कार्य किया जा रहा है। घास व झाड़ियों की सफाई भी की जा रही है। इसके अलावा कटों को भी मिट्टी डालकर बंद किया जा रहा है। जिससे टेल तक के किसानों को पानी उपलब्ध कराया जा सके।
शहर में जेसीबी से हो रही सफाई
गोविंद सागर बांध से निकली बायीं नहर शहर के बीचों बीच से निकली है। कई स्थानों पर नालियां भी मिल गईं हैं। ऐसे में नहर में मलबा व गंदगी अधिक मात्रा में जमी हुई है। इसकी निकासी व सफाई के लिए जेसीबी मशीन से कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को बसपा कार्यालय से तुवन चौराहा तक सफाई का कार्य किया गया है।
नहरों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया है। नहर खुलने तक सिल्ट सफाई व कटों को ठीक कर दिया जाएगा। टेल तक किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा।- मनमोहन, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड