मंगलवार को नगर पालिका में हुए विवाद की मुख्य जड़ मिनट बुक कार्यालय से गायब हो गई है। कर्मचारियों ने मिनट बुक गायब करने का आरोप भी पार्षद पर ही लगाए हैं। वहीं पार्षद, इसको अपने खिलाफ एक साजिश बता रहे हैं। वहीं, पार्षद के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद समस्त कर्मी बुधवार को अपने काम पर वापस आ गए। उन्होंने काला फीता बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं उन्होंने पार्षद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
मंगलवार को नगर पालिका में सहायक कार्यालय अधीक्षक के पद पर तैनात वरिष्ठ लिपिक रमाकंत तिवारी व वार्ड नंबर 14 के पार्षद इदरीश राईन के बीच विवाद हो गया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह पार्षद द्वारा जनसूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई मिनट बुक की छाया प्रति थी। बुधवार को नगर पालिका कार्यालय से मिनट बुक की गायब हो गई है। अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने नगर पालिका को निर्देशित करके 01 मार्च को मिनट बुक व पार्षद द्वारा मांगी गई विभिन्न सूचनाओं की अन्य पत्रावली उपलब्ध करने की बात कही थी। इसी क्रम में बुधवार की दोपहर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने जब विभागीय कर्मी को अलमारी में से मिनट बुक निकलवाने के निर्देश दिए तो अलमारी की चाबी नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने करीब दो बजे अलमारी के ताले तो तुड़वाया तो अलमारी में से मिनट बुक गायब मिली। इस संबंध में अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ लिपिक पार्षद पर मिनट बुक गायब करने का आरोप लगा रहे तो वहीं पार्षद भी इसको नगर पालिका के कर्मियों व अध्यक्ष की सोची समझी साजिश बता रहे है। यह मामला पुलिस के पास पहुंच गया है, जांच के बाद हकीकत का पता चल सकेगा। बुधवार को नगर पालिका कर्मियों ने पार्षद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सदर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। मौके पर हबीब खां, दीनदयाल सोनी, रामसेवक बाल्मीकि, अभिषेक चौबे, दीपेंद्र कुमार, सुधीर रावत, धीरेंद्र, राजीव, सिकंदर खां उपस्थित रहे।
यह है पूरा मामला
पार्षद विगत कई महीनों से मिनट बुक देखने की मांग कर रहे थे और जब उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो उन्होंने बीत करीब तीन माह पूर्व जनसूचना के अधिकारी अधिनियम का सहारा लेते हुए इसकी छायाप्रति की मांग की। इसके अलावा उक्त पार्षद ने नगर पालिका पर भ्रष्टाचार्य का आरोप लगाते हुए पूर्व में विभाग द्वारा विभिन्न सामग्री व उपकरणों की खरीदी के संबंध में पत्रावली भी मांगी थी। तीन माह से नगर पालिका द्वारा उनको सूचना उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी, जिसके विरोध में पार्षद इदरीश राईन ने प्रथम सूचना अधिकारी अपर जिलाधिकारी के समक्ष अपील की थी, जिसकी कुछ दिनों से पेशी चल रही थी। 27 फरवरी को हुई पेशी में एडीएम ने नगर पालिका को सख्त निर्देश देते हुए 28 फरवरी को मिनट बुक व अन्य पत्रावलियां पार्षद को दिखाने को कहा था। इसी निर्देशन के क्रम में पार्षद नपा कार्यालय में सहायक अधीकक्ष के पास पत्रावलियों का अवलोकन करने के लिए गए थे, लेकिन इसी बीत अधीक्षक व पार्षद के बीच विवाद हो गया।
पार्षद ले गए होगें मिनट बुक
हादसे के बाद से अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ लिपिक प्रभारी सहायक कार्यालय अधीक्षक रमाकांत तिवारी ने बताया कि उन्होंने मिनट बुक व अन्य पत्रावलियां पार्षद को देखने के लिए दी थीं, इसी दौरान यह विवाद हुआ और उसके बाद उनका स्वास्थ्य खराब होने लगा और उनपर बेहोशी छाने लगी थी। आरोप है कि पार्षद द्वारा ही मिनट बुक को गायब कर दिया गया है।
पोल खुलने के डर से खुद की गायब
वार्ड नंबर 14 के पार्षद इदरीश राईन का कहना है कि मारपीट व अभद्रता के बाद अब उन पर ही मिनट बुक गायब करने का भी आरोप लगाया जा रहा है। शुरू से ही नगर पालिका के अधिकारी व कर्मी मिनट बुक को गोपनीय बनाए हुए हैं व जनसूचना के अधिकार अधिनियम को भी ठेंगा दिखाकर मिनिट बुक व अन्य सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। अब इस फर्जी मामले की आड़ में मिनट बुक को गायब करने में नगर पालिका की ही सोची-समझी साजिश है।
नहीं लगे हैँ सीसीटीवी कैमरे
नगर पालिका ने तीन-चार माह पूर्व नवीन गल्ला मंडी परिसर के मुख्य द्वारा व अन्य जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, जबकि नगर पालिका के खुद के कार्यालय में कहीं पर भी सीसीटीवी कैमरे नहीं है। पूर्व से ही नगर पालिका में विवाद की स्थित बनती रही है, कभी बोर्ड बैठक में पार्षदों की गुटबाजी में गालीगलौज व अपशब्द का उपयोग किया गया तो वहीं बोर्ड बैठक के दौरान पूर्व में बाहरी आराजकतत्वों का भी विभाग में मंडराना लगा रहा। यदि कार्यालय परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो बीते मंगलवार को हुई इस घटना में कितनी सच्चाई है, यह सामने आ जाता।
लिपिक के अस्पताल में भर्ती होने पर भी चर्चा गर्म
विवाद के बाद वरिष्ठ लिपिक रमाकांत तिवारी अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। घटना के बाद लिपिक ने स्वयं ही मीडिया कर्मियों को घटना की जानकारी दी और खुद ही खड़े होकर मौके के स्थिति की फोटो निकलवाई हैं। नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल कार्यालय पहुंचे तो लिपिक ने स्वयं ही घटना की सारी जानकारी दी और बाद में करीब आधा घंटे तक कर्मियों के साथ मीटिंग हुई और उसके बाद कोतवाली में पार्षद के खिलाफ कार्यवाई की मांग को लेकर तहरीर दी। फिर करीब तीन-चार घंटे बाद उनकी हालत ऐसी बिगड़ी की उनको जिला अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और वह बुधवार को भी अस्पताल में ही भर्ती रहे, इसको लेकर शहर में चर्चा है।
कार्यालय की अलमारी से मिनिट बुक गायब है। सरकारी दस्तावेज गायब होना छोटी घटना नहीं है, इसकी जानकारी पुलिस को दी जाएगी।
राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका ललितपुर।