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हाल-ए-ओडीएफ : पूरा करना था टारगेट... मैदानों में बना दिए टॉयलेट

Sun, 03 Dec 2023 11:17 PM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
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योजनाओं का हाल : किस्त -चार
खास खबर का लोगो
- शौचालय बनवाने को भटक रहे पात्र, लोग खुले में जा रहे शौच

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ललितपुर को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) करने में अफसरों ने इतनी तेजी दिखाई कि सारे नियम ताक पर रख दिए। लक्ष्य पूरा करने के लिए अफसरों ने लोगों के घरों की जगह खुले मैदानों में शौचालय बना दिए। खबर के साथ प्रकाशित तस्वीरें ही जिले में स्वच्छ भारत मिशन की हकीकत को बयां कर रही हैं। इन तस्वीरों में दिख रहे शौचालयों से कोसों दूर तक आबादी नजर नहीं आ रही है। इन शौचालयों का कौन पात्र उपयोग करता होगा, इसका अंदाजा आप खुद लगा सकते हैं।
केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जिले के ग्रामीण इलाकों में दो चरणों में निजी शौचालयों को निर्माण कराया गया। पहले चरण में वर्ष 2014 से 2019 तक जिले 1,61,241 शौचालयों का निर्माण कराया गया। दूसरे चरण में वर्ष 2019 से अब तक 26,527 शौचालय बन चुके हैं। कुल मिलाकर अब तक जिले में 1.87 लाख शौचालयों का निर्माण हो चुका है। नियमों के मुताबिक शौचालय को पात्र व्यक्ति के घर बाहर बनवाया जाता है, लेकिन अफसरों ने खुले मैदानों में शौचालय बना दिए हैं। जबकि तमाम पात्र व्यक्ति अभी भी शौचालय निर्माण के लिए प्रधानों व सचिवों के चक्कर लगाते नजर आ रहे हैं।
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सवाल : टीमों को भी नजर नहीं आए
ओडीएफ के दौरान शौचालयों के निर्माण का जिला, मंडल और प्रदेश स्तर की टीम को सत्यापन करना था। टीमों ने जिले को ओडीएफ करने का प्रमाणपत्र तो दे दिया, लेकिन सवाल है कि टीमों को ये शौचालय कैसे नजर नहीं आए? इससे साफ है कि शौचालयाें के सत्यापन में भी टीमों ने महज खानापूर्ति की।
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शौचालय निर्माण की यह है स्थिति
विकास खंड का नाम - प्रथम चरण में निर्मित शौचालय - द्वितीय चरण में निर्मित शौचालय- कुल शौचालय
बार - 20875 - 3921 - 24796
बिरधा - 31550 - 4140 - 35690
जखौरा - 28981 - 4674 - 33655
मड़ावरा - 25584 - 5925 - 31509
महरौनी - 28532 - 3517 - 32049
तालबेहट - 25719 - 4350 - 30069
योग - 161241 - 26527 - 187768
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वर्ष 2014 से पहले व्यक्तिगत संसाधन से बने निजी शौचालय
विकास खंड का नाम - संख्या
बार - 3162
बिरधा -1660
जखौरा - 2936
मड़ावरा - 2365
महरौनी - 3694
तालबेहट - 1935
योग - 15752



घर पर शौचालय नहीं बना है। उसे व परिवार को सुलभ शौचालय तक जाना पड़ता है। इस संबंध में कई बार प्रधान व सचिव को बता चुके हैं। - जितेंद्र, निवासी धौर्रा

प्रधान व सचिव से कई बार कहने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। परिवार सहित सुलभ शौचालय जाना पड़ता है। - देवी सिंह, निवासी धौर्रा
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वर्जन

शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायत को आवेदन करना होगा। इसकी धनराशि लाभार्थी के खाते में जाती है। जिन पात्रों के शौचालय नहीं बने हैं, उनके जल्द बनवाए जाएंगे। - नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।
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