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चिटफंड घोटाला : जेल में बंद मुख्य आरोपियों से ईडी ने की 12 घंटे पूछताछ

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। चिटफंड घोटाले की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बुधवार को जेल में बंद मुख्य आरोपियों से 12 घंटे तक पूछताछ की। लखनऊ से आई टीम को घोटाले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। टीम अभी दो दिन जनपद में और रुकेगी।
मंगलवार शाम को ईडी टीम यहां पहुंची। इसके बाद टीम जिला जेल पहुंची। यहां जेल में बंद मुख्य आरोपी रवि तिवारी, आलोक कुमार जैन से करीब 10-12 घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार टीम ने एलयूसीसी के मुख्य संचालकों में शामिल रवि तिवारी और आलोक कुमार जैन से कंपनी के सीएमडी समीर अग्रवाल को लेकर जानकारी जुटाई। साथ ही किस प्रकार से समीर अग्रवाल तक धनराशि को पहुंचाया जाता था, किन-किन देशों और कौन-कौन से व्यापार में धनराशि का निवेश किया गया है। इसके बारे में भी जानकारी ली। यह भी बताया जा रहा है कि ईडी की टीम को पूछताछ में काफी कुछ जानकारी मिली है। इसके आधार पर टीम जांच में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार बुधवार को भी ईडी की टीम ने आरोपियों से पूछताछ की।
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आमलोगों को कम समय में अधिक मुनाफा मिलने का झांसा देकर चिटफंड कंपनी एलयूसीसी ने हजारों करोड़ रुपये का धोखाधड़ी से निवेश कराया और फरार हो गई। निवेशकों की शिकायत पर जनपद के विभिन्न थानों में कंपनी के खिलाफ डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत किए गए थे। पुलिस ने मुख्य संचालकों सहित दो दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। दुबई में बैठे कंपनी के सीएमडी समीर अग्रवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम है। समीर का लुकआउट नोटिस भी जारी है।

मुख्य संचालक सहित 13 पर लगाया गया गैंगस्टर, संपत्ति खंगालने में जुटी पुलिस
मुख्य संचालकों में शामिल रवि तिवारी, आलोक कुमार जैन पर पुलिस गैंगस्टर की कार्रवाई कर चुकी है। इसके साथ राहुल तिवारी, नीरज जैन उर्फ बंटी जैन, अशोक कुमार अहिरवार, द्वारिका प्रसाद झा, सतीश चंद्र जैन, रामनरेश साहू, महेश प्रसाद रजक, सुरेंद्र पाल सिंह, हरदेव पटेल, जगत सिंह उर्फ तंसू के खिलाफ भी गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। यह सभी आरोपी वर्तमान में जेल में निरुद्ध है। इनकी संपत्ति खंगालने में पुलिस जुटी हुई है। में कोतवाली पुलिस ने विशाल खुराना और भरत वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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आठ प्रदेशों के 22 जनपदों में फैला था जाल
इस चिटफंड कंपनी का जाल जनपद सहित देश के आठ प्रदेशों और 22 जनपदों में फैला हुआ था। जिसमें कई जनपदों में इस कंपनी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किए गए है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस जुटी हुई है।
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