संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक समेत स्टॉफ की मनमानी जारी है। अस्पताल बंद होने का समय भले ही चार बजे हो, लेकिन यहां दोपहर बाद ही स्टॉफ गायब हो जाता है। तीन बजे के बाद आने वाले मरीज ओपीडी खाली देख इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। गर्मी शुरू हो गई है, लेकिन यहां पंखे तक नहीं चल रहे हैं।
बुधवार को अमर उजाला की टीम ने दोपहर तीन बजकर 20 मिनट पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हकीकत जानी। इमरजेंसी कक्ष खुला रहा, लेकिन चिकित्सक तो दूर स्टॉफ तक नजर नहीं आया। मरीज इधर-उधर भटकते रहे। चिकित्सा अधिकारी एक व दो के कक्ष में ताला लटका रहा। चिकित्सा अधिकारी तीन व चिकित्सा अधीक्षक के कक्ष भी सूने नजर आए। इनमें चिकित्सक व स्टॉफ दोनों ही नजर नहीं आए। आईसीटीसी कक्ष और दंत ओपीडी में भी ताला लटका रहा। एनसीडी सेल कक्ष, नेत्र ओपीडी कक्ष, परिवार कल्याण कक्ष का भी यही हाल रहा। अस्पताल में महज एक महिला चिकित्सक ही मौजूद मिलीं।
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पैथोलॉजी कक्ष पड़ा सूना
पैथोलॉजी कक्ष में भी कर्मचारी समय पर नहीं बैठ रहे। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। चिकित्सक परामर्श कर जांच को लिख रहे हैं, लेकिन कर्मचारी के पैथोलॉजी में न बैठने से जांच प्रभावित हो रही है।
इमरजेंसी वार्ड में नहीं गर्मी से बचाव के इंतजाम
यहां इमरजेंसी वार्ड में लेटने वाले मरीजों को गर्मी से राहत के इंतजाम नजर नहीं आए। बुधवार को आया एक मरीज गर्मी से परेशान दिखा। तीमारदार स्वयं ही गमछा से हवा करते नजर आए।
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फोटो- 5
कैप्सन- रामादेवी, आशा
अस्पताल में उपचार कराने में दिक्कत हो रही है। यहां माइनर ऑपरेशन तक के पैसे लिए जा रहे हैं। न देने पर उपचार नहीं होता है।
- रामादेवी, आशा
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फोटो- 6
कैप्सन- पूजा
सुबह लगभग दस बजे आ गए थे। यहां परिवार नियोजन के आवेदन पर हस्ताक्षर कराने आए थे, जो अब तक नहीं हो सका है।
- पूजा
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सीएचसी महरौनी के दो चिकित्सक जिला मुख्यालय पर कार्यक्रम में आए थे। अन्य चिकित्सक व स्टॉफ के साढ़े तीन बजे न होने की जानकारी हुई है। इस बारे में जवाब लिया जाएगा।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ